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ठियोग पेयजल घोटाला: पानी की आपूर्ति ही नहीं टेंडर आवंटन में भी हुआ घोटाला, रिपोर्ट में कई तथ्य आए सामने

Fri, 10 Jan 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा चैतन्य ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
चैतन्य ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 10 Jan 2025 05:00 AM IST
सार

Himachal Water Scam: ठियोग में हुए पेयजल घोटाले में नया खुलासा हुआ है। बता दें कि पानी की आपूर्ति के लिए किया गए टेंडर आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Shimla Theog drinking water scam also in tender allocation many facts in the report
हिमाचल में पानी घोटाला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

शिमला जिले के ठियोग में पानी की आपूर्ति के लिए किया गया टेंडर ही घोटाले की पहली दस्तक रही। टेंडर के आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। इसके अलावा एक भी ऐसी रसीद नहीं मिली जिसमें यह साबित हो सके कि इन्होंने पानी की सप्लाई टैंकरों के माध्यम से प्रभावित पंचायतों में की हो। जिस पंचायत में पानी पहुंचाया गया उसके लिए सबूत के तौर पर ग्राम पंचायत प्रधान या उप प्रधान के हस्ताक्षर तक नहीं लिए गए। एसडीएम ठियोग ने बिना सत्यापन के ही एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर दिया।

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एसडीएम ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों की ओर से पेश किए गए बिलों पर हस्ताक्षर किए हैं। एसडीएम अगर बिलों का सत्यापन कर लेते तो घोटाला रकम के भुगतान से पहले ही सामने आ जाता। इन बिंदुओं का जिक्र राज्य सरकार को एडीसी शिमला की ओर से तैयार की जांच रिपोर्ट में किया गया है। जांच में सामने आया है कि ठियोग के नागोधार और करयाली गांव अब तक सड़क से नहीं जुड़े हैं, लेकिन यहां भी पानी की आपूर्ति की गई। यहां पानी के आपूर्ति करने वाले संचालकों ने बयान दिया कि दोनों गांव के बाहर बने टैंकों में पानी की आपूर्ति कर दी गई थी। जांच रिपोर्ट में जल शक्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही का भी साफ उल्लेख किया गया है। जांच रिपोर्ट पर राज्य सरकार आगामी क्या कदम उठाती है इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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सरकार ने दिए हैं जांच के आदेश
प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने मामला सामने आने के बाद डीसी शिमला को जांच के आदेश दिए थे। इस पर उपायुक्त ने एडीसी शिमला को जांच अफसर नियुक्त किया। जांच रिपोर्ट तैयार होने पर उपायुक्त के माध्यम से ही अतिरिक्त मुख्य सचिव को भेजी जाती है।

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