{"_id":"68202b3ef991bf6e410ca550","slug":"himachal-scholarship-scam-case-on-6-universities-search-warrant-issued-cbi-had-applied-in-court-2025-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रवृत्ति घोटाला : 6 विवि पर केस, सर्च वारंट जारी, सीबीआई ने कोर्ट में किया था आवेदन; जानें पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रवृत्ति घोटाला : 6 विवि पर केस, सर्च वारंट जारी, सीबीआई ने कोर्ट में किया था आवेदन; जानें पूरा मामला
Sun, 11 May 2025 10:14 AM IST
अंकेश डोगरा
दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 11 May 2025 10:14 AM IST
सार
सीबीआई ने छात्रवृत्ति घोटाले में हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के छह विश्वविद्यालयों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कोर्ट ने विश्वविद्यालयों के दस्तावेज खंगालने के लिए सर्च वारंट जारी कर दिए हैं। 30 मई तक कोर्ट ने इसकी रिपोर्ट पेश करने के लिए सीबीआई को कहा है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के छह विश्वविद्यालयों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीबीआई ने इन विवि के खिलाफ सर्च वारंट के लिए शिमला के सत्र न्यायालय में 9 मई को आवेदन किया था।
विज्ञापन
कोर्ट ने विश्वविद्यालयों के दस्तावेज खंगालने के लिए सर्च वारंट जारी कर दिए हैं। 30 मई तक कोर्ट ने इसकी रिपोर्ट पेश करने के लिए सीबीआई को कहा है। सीबीआई की शिमला शाखा में 6 मई को दर्ज केस के मुताबिक अभिलाषी विवि मंडी, हिमाचल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कांगड़ा, वेस्टवुड इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट जीरकपुर, भाई गुरदास इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संगरूर, आर्यन ग्रुप ऑफ कॉलेज राजपुरा, पंजाब और हरियाणा के अंबाला स्थित ई-मैक्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस पर छात्रवृत्ति हड़पने का आरोप है। सीबीआई के मुताबिक उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के एससी, एसटी, ओबीसी, एमसी छात्रों को केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं के तहत प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरित की है।
विज्ञापन
आरोप है कि इन विवि ने लोक सेवकों व अन्य लोगों के साथ साजिश कर डे स्कॉलर/छात्रावास में रहने वाले छात्रों के छात्रवृत्ति दस्तावेजों में धोखाधड़ी से उच्च छात्रवृत्ति का दावा कर सरकार को नुकसान पहुंचाया। सीबीआई के मुताबिक आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त करना आवश्यक है। विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा ने इन विवि का रिकॉर्ड खंगालने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन