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Himachal News: राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी बोले- नौतोड़ न मिली तो अरुणाचल की तरह किन्नौर में भी घुस आएगा चीन
Thu, 17 Apr 2025 05:59 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 17 Apr 2025 05:59 PM IST
सार
राज्यपाल से मुलाकात के लिए रवाना होने से पहले सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि अगर एफसीए में राहत देकर अगर किन्नौर के लोगों को नौतोड़ की जमीनें नहीं दी गई तो अरुणाचल और लद्दाख की तरह किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी चीन अतिक्रमण कर घुस जाएगा।
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राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि एफसीए में राहत देकर अगर किन्नौर के लोगों को नौतोड़ की जमीनें नहीं दी गई तो अरुणाचल और लद्दाख की तरह किन्नौर और लाहौल-स्पीति में भी चीन अतिक्रमण कर घुस जाएगा। वीरवार को राज्यपाल से मुलाकात के लिए रवाना होने से पहले सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही।
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नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में लोगों के पास जमीन बहुत कम है, जिसके कारण बेरोजगारी बहुत है और लोग पलायन को मजबूर हो रहे हैं। सीमावर्ती इलाके अगर खाली हो गए तो चीन को अतिक्रमण करना आसान हो जाएगा। नौतोड़ नियम के तहत प्रदेश में हजारों किसानों को जमीन दी गई है। 1980 में वन सरंक्षण अधिनियम आने के बाद वन भूमि पर आम लोगों का हक खत्म कर दिया गया। वन भूमि पर कोई भी काम करने के लिए अब केंद्र की अनुमति जरूरी कर दी गई है।
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नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के लिए संविधान में अलग प्रावधान है। राज्यपाल को शक्ति दी गई है कि वह जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के हित में केंद्र के कानूनों में संशोधन कर सकते हैं। 2014 में राज्यपाल को प्रस्ताव भेज कर एफसीए रदद करने का मामला उठाया गया था, जिसके बाद 2014 से 16 और फिर 2018 तक वन संरक्षण अधिनियम में रोक लगाई गई, जिससे जनजातीय क्षेत्रों के लोगों को नौतोड़ में जमीन दी गई। इसके बाद 5 साल भाजपा की सरकार रही उन्होंने सिर्फ एक व्यक्ति को नौतोड़ दिया बाकी से पल्ला झाड़ दिया। कांग्रेस सरकार बनाने के बाद 2023 में फिर से राज्यपाल को प्रस्ताव भेजा गया है, राज्य जनजातीय परिषद ने भी राज्यपाल से यह मामला उठाया है। लंबा समय बीत गया है लेकिन मामला राज्यपाल के पास लंबित है। 5 बार मैं इस मामले पर राज्यपाल से मिल चुका हूं आज छठी बार मिल रहा हूं। राज्यपाल से संविधान के दायरे में जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के हित में राहत देने की मांग उठाई जाएगी।
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