फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Records of lecturers recruited before May 15 2003 will be re-created

हिमाचल: 15 मई 2003 से पहले भर्ती हुए प्रवक्ताओं का फिर बनेगा रिकॉर्ड, स्कूल शिक्षा निदेशालय ने मांगा ब्योरा

Sat, 13 Dec 2025 02:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Sat, 13 Dec 2025 02:00 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश में 15 मई 2003 या उससे पहले विज्ञापित, सूचित पदों पर नियुक्त प्रवक्ताओं (स्कूल कैडर) का ब्योरा दोबारा सत्यापित करने का फैसला लिया गया है। 
 

विज्ञापन
Himachal Records of lecturers recruited before May 15 2003 will be re-created
शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में 15 मई 2003 से पहले भर्ती प्रवक्ताओं का दोबारा से रिकॉर्ड तैयार होगा। पेंशन, वरिष्ठता, सेवा लाभों व अन्य वित्तीय मामलों में पारदर्शिता लाने को यह फैसला लिया गया है। अब रिकॉर्ड में प्रवक्ताओं का पीएमआईएस और पीआरएएन नंबर का विवरण पूर्ण रूप से भरना अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला अधिकारियों को पत्र जारी कर इसी माह के अंत तक ब्योरा देने को कहा है।

विज्ञापन


वित्त विभाग की ओर से जारी पत्र का हवाला देते हुए शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि 15 मई 2003 या उससे पहले विज्ञापित, सूचित पदों पर नियुक्त प्रवक्ताओं (स्कूल कैडर) का ब्योरा दोबारा सत्यापित करने का फैसला लिया गया है। वित्त विभाग ने सभी विभागों को पुराने मामलों का दोबारा परीक्षण करने और सटीक, अद्यतन जानकारी उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन


स्कूल शिक्षा निदेशालय को भी अपने स्तर पर प्रवक्ता स्कूल कैडर से संबंधित सभी रिकॉर्ड की री-वैलिडेशन प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट भेजनी है। इसके लिए निदेशालय ने जिला अधिकारियों को एक परफार्मा तैयार कर भेजा है। किसी भी प्रकार की त्रुटि, अपूर्ण रिकॉर्ड या गलत जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी। 15 मई 2003 से पूर्व की भर्तियों में पुराने सेवा नियम लागू होते थे। ऐसे कर्मचारियों के पेंशन लाभ, सेवा पुस्तिका, और वित्तीय दावों में कई बार विसंगतियां पाई जाती हैं। सरकार अब सभी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से दुरुस्त और प्रमाणित करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार इस रिपोर्ट को लेकर गंभीर है। जिन जिलों से देरी होती है, उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी संभव है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed