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Himachal News: हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बदला तीसरी कक्षा का सिलेबस, किताबों के नाम में भी बदलाव
Sun, 06 Apr 2025 11:41 AM IST
अंकेश डोगरा
विपिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
विपिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 06 Apr 2025 11:41 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने तीसरी कक्षा का सिलेबस पूरी तरह से बदल दिया है। नई पाठ्यपुस्तकों को तैयार करवा कर सभी स्कूलों में वितरित कर दिया है, ताकि नए सत्र की पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो सके।
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रिमझिम बनी वीणा और गणित का जादू की जगह अब मैथ मेला
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सरकारी और शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त निजी स्कूलों में इस बार तीसरी कक्षा का सिलेबस पूरी तरह से बदल दिया गया है। यह परिवर्तन नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत एनसीईआरटी द्वारा किए गए पाठ्यक्रम में बदलावों के अनुरूप किया गया है। प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने तीसरी कक्षा के लिए नई पाठ्यपुस्तकों को तैयार करवा कर सभी स्कूलों में वितरित कर दिया है, ताकि नए सत्र की पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो सके। नए सिलेबस के अनुसार अब हिंदी विषय के लिए ‘रिमझिम भाग-3’ की जगह ‘वीणा’ पुस्तक को शामिल किया गया है।
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गणित विषय के लिए ‘मैथ मैजिक बुक-3’ को हटाकर ‘मैथ मेला’ और अंग्रेजी विषय के लिए ‘मैरीगोल्ड बुक-3’ की जगह ‘संतूर’ नामक पुस्तक पढ़ाई जाएगी। ये बदलाव विद्यार्थियों को अधिक रोचक, व्यावहारिक और समग्र ज्ञान देने के उद्देश्य से किए गए हैं। एनसीईआरटी के निर्देशों के अनुसार यह पाठ्यक्रम परिवर्तन सभी सरकारी और बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में लागू किया है। इससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने की उम्मीद की जा रही है।
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पाठ्यक्रम क्या-क्या नया
तीसरी कक्षा के नए पाठ्यक्रम में क्षेत्रीय भाषाओं, लोकगीतों और प्रमुख शहरों को जोड़ा गया है। इसके अलावा गणित में आयु गणना और अंग्रेजी विषय में कठिन शब्दों के हिंदी उच्चारण आदि को शामिल किया गया है। इस पाठ्यक्रम को 360 डिग्री होलिस्टिक प्रोग्राम के तहत तैयार किया गया है, जिससे स्कूली बच्चों को फिजिकली और प्रैक्टिकली सशक्त किया जा सके।
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स्कूलों को भेजीं किताबें
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में तीसरी कक्षा की किताबों के नामों और पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। नई सिलेबस के साथ प्रिंट की गई पुस्तकें स्कूलों तथा बच्चों के पास पहुंच चुकी हैं- डॉ. मेजर विशाल शर्मा, सचिव, स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला