Himachal News: डिमोट होने वाले 592 प्रवक्ताओं के मामले में आज हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में शिक्षा विभाग में डिमोट होने वाले 592 प्रवक्ताओं के मामले में आज सुनवाई होगी। पढ़ें पूरी खबर...
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शिक्षा विभाग में डिमोट होने वाले 592 प्रवक्ताओं के मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। संशोधित वरिष्ठता सूची बनाने के कारण टीजीटी से प्रवक्ता बने शिक्षकों का दर्जा कम होना है। हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना के मामले में स्कूल शिक्षा निदेशालय नई सूची बना रहा है। इस मामले में निदेशालय की ओर से शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। शिक्षकों से पूछा गया है कि क्यों न उनकी पदोन्नति को वापस लिया जाए। उधर, विभिन्न शिक्षक संगठन निदेशालय के इस फैसले के विरोध में उतर आए हैं। शिक्षक संघ अपने स्तर पर भी हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
प्रदेश उच्च न्यायालय ने पूनम कुमारी बनाम राज्य सरकार मामले में 10 सितंबर 2024 को आदेश दिया था कि टीजीटी से प्रवक्ता पदोन्नति की वरिष्ठता सूची में आवश्यक संशोधन किए जाएं। नया संशोधित वरिष्ठता क्रम कानून के अनुसार तैयार किया जाए। कोर्ट ने आठ सप्ताह में यह प्रक्रिया पूरी करने को कहा था। इसके बाद 19 फरवरी 2025 को प्रदेश भर्ती एवं सरकारी कर्मचारियों की सेवा की शर्तें अधिनियम अधिसूचित हुआ। जो 20 फरवरी से प्रभावी हो गया। इस अधिनियम के अनुसार अब नियमित नियुक्ति वाले कर्मचारियों को ही वरिष्ठता, पदोन्नति, वार्षिक वृद्धि आदि का लाभ मिल सकेगा।
शिक्षा विभाग ने फरवरी 2025 में टीजीटी शिक्षकों से प्रवक्ता (स्कूल-न्यू) कैडर में पदोन्नति के लिए नए विकल्प मांगे थे। इसके लिए अंतिम तिथि 10 मार्च 2025 तय की गई थी, जिसे बढ़ाकर 25 मार्च भी किया गया। विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक 22 जुलाई को हुई। 21 अगस्त 2025 तक 642 शिक्षकों की पदोन्नति आदेश जारी कर दिए गए। इसी बीच, पूनम कुमारी बनाम राज्य सरकार मामले में याचिकाकर्ताओं ने अदालत का रुख किया और आरोप लगाया कि सरकार ने हाईकोर्ट के पुराने आदेश की अवहेलना की है और जूनियर शिक्षकों को पदोन्नति देकर वरिष्ठों के हितों को नुकसान पहुंचाया गया है।
22 अगस्त 2025 को अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने अभी तक आदेशों का पालन नहीं किया है। 14 अक्तूबर 2025 को हुई सुनवाई में महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठता क्रम के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया जारी है, लेकिन इससे कुछ जूनियर शिक्षकों की पदोन्नति वापसी करनी पड़ सकती है। इस मामले में अब 592 जूनियर शिक्षकों की पदोन्नति वापस लेनी की प्रक्रिया शुरू हुई है। मंगलवार को होने वाली सुनवाई पर शिक्षकों का भविष्य टिका है।