Himachal Pradesh: मिड-डे मील में उसी स्कूल में खाना पकाने की शर्त हाईकोर्ट ने की खारिज, जानें विस्तार से
Himachal Pradesh High Court: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जिला शिमला के नेरवा के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील योजना के तहत कुक-कम-हेल्पर के चयन और नियुक्ति को रद्द कर दिया है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने मिड-डे मील के तहत उसी स्कूल में खाना पकाने के अनुभव को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। पॉलिसी के तहत खाना पकाने के अनुभव के लिए 3 अंक आवंटित किए जाने थे, लेकिन चयन समिति ने इन अंकों को केवल उसी स्कूल में खाना पकाने के अनुभव तक सीमित कर दिया। न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की पीठ ने यह फैसला याचिकाकर्ता की शिकायत पर सुनाया, जिसमें चयन प्रक्रिया में विसंगतियों का आरोप लगाया गया था। अदालत ने जिला शिमला के नेरवा के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील योजना के तहत कुक-कम-हेल्पर के चयन और नियुक्ति को रद्द कर दिया है।
न्यायालय ने नियुक्त की गई महिला के चयन को रद्द करते हुए राज्य और संबंधित अधिकारी को स्कूल में कुक-कम-हेल्पर के चयन और नियुक्ति के लिए नई प्रक्रिया संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत करने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता ने मिड-डे मील योजना के तहत कुक-कम-हेल्पर के रूप में नियुक्त महिला के चयन को चुनौती दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान पाया गया कि स्कूल प्रबंधन समिति एसएमसी ने चयन प्रक्रिया में दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया था। अदालत ने अपने आदेश में मुख्य रूप से खाना पकाने के अनुभव के लिए अंकों के आवंटन पर प्रकाश डाला।