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Himachal Pradesh: राजस्व कर्मियों की मांग खारिज, हर हाल में लागू होगा राज्य कैडर; मंत्री बोले- हित में फैसला

Fri, 21 Feb 2025 07:43 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 21 Feb 2025 07:43 PM IST
सार

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने दोटूक कहा है कि प्रदेश के लोगों और राजस्व कर्मियों के हितों को ध्यान में रखकर ही राज्य कैडर में शामिल करने का फैसला लिया गया है।
 

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Himachal Pradesh Demand of revenue employees rejected state cadre will be implemented in any case
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी (फाइल फोटो)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

राजस्व कर्मियों पर अनिवार्य रूप से राज्य कैडर लागू होगा। प्रदेश सरकार ने राजस्व कर्मियों की जिला कैडर बहाल रखने की मांग खारिज कर दी है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने दोटूक कहा है कि प्रदेश के लोगों और राजस्व कर्मियों के हितों को ध्यान में रखकर ही राज्य कैडर में शामिल करने का फैसला लिया गया है।

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राजस्व कर्मी राज्य कैडर का विरोध कर रहे हैं और कई बार सरकार को इसे लेकर मांग पत्र सौंप चुके हैं। बीते साल जुलाई में मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्व कर्मियों को राज्य कैडर में शामिल करने के फैसले के बाद राजस्व कर्मियों ने सरकार को अतिरिक्त कार्यभार छोड़कर पटवारखानों और कानूनगो ऑफिस में ताला लगाकर चाबियां सरकार को सौंपने की चेतावनी दे दी थी। इसके बाद विरोध स्वरूप ऑनलाइन काम बंद कर दिया। पटवारी एवं कानूनगो महासंघ ने सरकार से लंबित मांगे पूरी करने की मांग उठाई थी। सरकार से टेक्निकल स्केल, चार पटवारियों पर एक कानूनगो, पदोन्नति का समय निर्धारित करने और आर्थिक लाभ जारी करने की मांग उठाई थी।

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मंत्री जगत सिंह नेगी का कहना है कि राजस्व कर्मियों को राज्य कैडर में शामिल करने का फैसला प्रदेश के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। राजस्व कर्मियों को भी इस फैसले से लाभ होगा। जिला कैडर में बहुत से कर्मचारी कई कई सालों से दूसरे जिलों में सेवाएं दे रहे हैं उनकी मांग है कि उन्हें उनके गृह जिले में तैनाती मिले। राज्य कैडर लागू होने पर ऐसे कर्मचारियों को अपने जिलों में सेवाएं देने का मौका मिलेगा। सरकार के इस फैसले से आम लोगों को भी लाभ होगा क्योंकि एक ही जिले में सेवाएं देने से कर्मचारियों में जो स्थिरता आ गई है वह दूर होगी और कार्यक्षमता बढ़ेगी। पटवारी कानूनगो के साथ बैठकें करने के बाद ही राज्य कैडर लागू करने का फैसला लिया गया है। इनकी सभी शंकाएं भी दूर की गई हैं- सतीश चौधरी, अध्यक्ष, संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ हिमाचल प्रदेश

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बिना बुनियादी सुविधाओं के राज्य कैडर व्यावहारिक नहीं : सतीश
संयुक्त पटवारी एवं कानूनगो महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा है कि बिना बुनियादी सुविधाओं के राज्य कैडर लागू करना व्यावहारिक नहीं है। पटवारियों को नेट कनेक्टिविटी, आधारभूत ढांचा एवं अन्य जरूरी सुविधाए उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। वर्तमान में पटवारियों की नियुक्ति जिला कैडर में हुई है, जिससे हर जिले के आधार पर वरिष्ठता और कार्यशैली अलग-अलग है। ऐसे में राज्य कैडर बनाने से वरिष्ठता को लेकर विवाद एवं न्यायालय में मुकदमों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश सरकार को बलवान समिति की सिफारिशों को तुरंत लागू करना चाहिए। अगर सरकार हमारी मांगों को अनदेखा करती है तो संघ आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

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