हिमाचल: मेधावियों को कूपन की जगह 16 हजार रुपये देने की तैयारी, शिक्षा विभाग ने तैयार किया प्रस्ताव
शिक्षा निदेशालय ने अब विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कूपन या ई-वाउचर देने के बजाय उनके बैंक खातों में सीधे 16 हजार रुपये ट्रांसफर करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
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हिमाचल प्रदेश सरकार की मेधावी विद्यार्थियों के लिए संचालित टैबलेट-लैपटॉप योजना में बदलाव होने जा रहा है। शिक्षा निदेशालय ने अब विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कूपन या ई-वाउचर देने के बजाय उनके बैंक खातों में सीधे 16 हजार रुपये ट्रांसफर करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस संबंध में अंतिम निर्णय सरकार की मंजूरी के बाद लिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में दसवीं-बारहवीं कक्षा और कॉलेज स्तर के करीब 10 हजार मेधावी विद्यार्थियों को सरकार की ओर से डिजिटल उपकरण उपलब्ध करवाने की घोषणा की गई है।
सभी जिलों से मांगा पात्र विद्यार्थियों का ब्योरा
विभाग ने सभी जिलों से पात्र विद्यार्थियों का विस्तृत ब्योरा मांगा है और आरटीजीएस के माध्यम से राशि भेजने की संभावनाएं तलाश रहा है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो विद्यार्थी अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार डिजिटल उपकरण खरीद सकेंगे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि मेधावियों को डिजिटल उपकरण उपलब्ध करवाने के लिए सभी संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही इस बाबत अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।
हजारों मेधावियों पर भारी पड़ा पश्चिम एशिया में छिड़ा युद्ध
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे लैपटॉप और टैबलेट के दाम बढ़ गए हैं। इसलिए चयनित कंपनियों ने महंगे उपकरणों और बढ़ी हुई रैम-स्टोरेज लागत का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर दिसंबर 2025 में मंडी से योजना की शुरुआत हुई थी।