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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News Rules for becoming RERA chairman will change government is taking legal opinion

Himachal News: बदलेंगे रेरा के अध्यक्ष बनने के नियम, कानूनी राय ले रही सरकार; जानें

Wed, 25 Dec 2024 12:08 PM IST
अंकेश डोगरा धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Wed, 25 Dec 2024 12:08 PM IST
सार

रेरा के अध्यक्ष पद बनने के नियमों को बदलने की तैयारी है। प्रदेश सरकार नियमों में संशोधन करने के लिए केंद्र से अनुशंसा कर सकती है। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal News Rules for becoming RERA chairman will change government is taking legal opinion
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राज्य सरकार में रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष पद बनने के नियमों को बदलने की तैयारी है। अभी इस पद पर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ही फिट बैठते हैं। रेरा केंद्र सरकार का प्राधिकरण है। प्रदेश सरकार नियमों में संशोधन करने के लिए केंद्र से अनुशंसा कर सकती है।

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बताया जा रहा है कि पूर्व में रहे आईएएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री व मंत्रियों को विश्वास में लेते हुए रेरा के नए नियम बनाए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय को इसके बारे में सूचित किया गया है, नियमों में संशोधन के लिए कानूनी राय ली जा रही है। अध्यक्ष पद के लिए कमेटी का गठन न होना और पद के लिए आवेदन न मांगे जाने के पीछे यही कारण बताया जा रहा है। मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद डॉ. श्रीकांत बाल्दी को रेरा का अध्यक्ष लगाया गया था। बाल्दी ने 1 जनवरी 2020 को पदभार संभाला था। अब वह इस पद से सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके साथ सरकार के उच्च पद रहे पूर्व आईएएस अधिकारी बीसी बडालिया इसके सदस्य रहे हैं। वह भी सेवानिवृत्त हो गए हैं।
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अब रेरा के सदस्य आरके वर्मा भी 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। हालांकि जब तक रेरा में अध्यक्ष की तैनाती नहीं की जा सकती, तब तक प्रधान सचिव टीसीपी देवेश कुमार को इसका अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। उधर, पूर्व आईएएस अधिकारियों ने हिमाचल में रेरा में पद चाहने वालों की लॉबिंग शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि सरकार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने भी रेरा में जाने की इच्छा जताई है। इसके अलावा सेवानिवृत्त अधिकारी भी रेरा में जाने के जुगाड़ में हैं। हालांकि, इसका फैसला हाई पावर कमेटी को करना है। इस कमेटी में मुख्य न्यायाधीश अध्यक्ष होते हैं, जबकि शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव और विधि सचिव सदस्य होते हैं। इनके पास आवेदन किए जाते हैं। आवेदन करने के लिए 20 दिन का समय दिया जाता है। अभी हाईपावर कमेटी ने इसके लिए आवेदन नहीं मांगे हैं।

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बिल्डरों के कार्य की निगरानी करता है रेरा
हिमाचल प्रदेश में काम करने वाले बिल्डरों का रेरा में पंजीकरण होना होता है। उसके बाद ही बिल्डर हिमाचल में आवासीय काॅलोनियों का निर्माण कर सकते हैं। बिल्डर अगर फ्लैट बेचने में लोगों के साथ धोखाधड़ी करता है तो पीड़ितों की शिकायत भी रेरा में ही सुनी जाती है। गलती पाए जाने पर बिल्डरों पर जुर्माना लगाया जाता है। यहीं नहीं अगर बिल्डर मौके पर गलत काम कर रहा है तो इस स्थिति में रेरा के तहत ही बिल्डरों पर कार्रवाई होती है।

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