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Himachal News: आबादी देह में लंबे समय से रह रहे लोगों को भूमि का मालिकाना हक, ड्रोन मैपिंग का काम हुआ पूरा
Sun, 25 Aug 2024 07:33 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 25 Aug 2024 07:33 PM IST
सार
राजस्व विभाग ने हिमाचल प्रदेश के 15,196 गांवों में से 13,599 आबादी देह गांवों की ड्रोन मैपिंग का काम पूरा कर दिया है। अब आबादी देह में लंबे समय से रह रहे लोगों को भूमि का मालिकाना हक मिलेगा।
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राजस्व विभाग हिमाचल प्रदेश।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
हिमाचल में आबादी देह में लंबे समय से रह रहे लोगों को भूमि का मालिकाना हक मिलेगा। स्वामित्व योजना में राजस्व विभाग पहले चरण में प्रदेश के 190 गांवों के 4,230 परिवारों को संपत्ति कार्ड देगा। विभाग ने प्रदेश के 15,196 गांवों में से 13,599 आबादी देह गांवों की ड्रोन मैपिंग का काम पूरा कर दिया है।
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स्वामित्व योजना में आबादी देह क्षेत्रों (आबादी वाले क्षेत्रों) में लंबे समय से रह रहे लोगों को कानूनी मान्यता के साथ भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का कहना है कि यह योजना ग्रामीण परिदृश्य को बदलेगी जिससे हजारों परिवारों की आर्थिक तरक्की होगी।
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जिला हमीरपुर सहित कुल 6314 गांवों के प्रथम स्तर के 16,588 नक्शे और दूसरे स्तर के 774 गांवों के 1482 नक्शे भारतीय सर्वेक्षण विभाग से प्राप्त हो चुके हैं। इसके साथ ही जिला हमीरपुर में 355 आबादी देह गांवों के अंतिम स्तर के नक्शे प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें संपत्ति कार्ड जारी करने की प्रक्रिया जारी है।
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हमीरपुर देश का पहला जिला बना है, जहां आबादी देह में परिवारों को जमीन का मालिकाना हक दिया जा रहा है। लाल डोरा में रहने वाले परिवारों को भूमि का अधिकार मिलने से उनकी समस्याएं हल होंगी। संपत्ति कार्ड न केवल कानूनी दस्तावेज हैं, बल्कि लाल-डोरा, लाल-लकीर क्षेत्रों के निवासियों द्वारा लंबे समय पेश आ रही मुश्किलों और मुद्दों का समाधान है। संपत्ति कार्ड आधिकारिक भूमि अभिलेखों तक लोगों की पहुंच को आसान बनाएंगे, जिससे राजस्व कार्यालयों में बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।