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Himachal News : जीएसटी स्लैब में बदलाव से लोगों को राहत, हिमाचल को होगा 1000 करोड़ का नुकसान
Thu, 04 Sep 2025 07:56 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 04 Sep 2025 07:56 PM IST
सार
जीएसटी कम होने से जहां आम आदमी को काफी राहत मिलेगी वहीं राज्यों को नुकसान होगा। ये बात हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल में जीएसटी बदलाव से 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
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उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी स्लैब में बदलाव किए जाने से आम लोगों को राहत मिलेगी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि पहले जहां जीएसटी के चार स्लैब होते थे, वहीं अब दो कर दिए गए हैं। जीएसटी कम होने से जहां आम आदमी को काफी राहत मिलेगी वहीं राज्यों को नुकसान होगा। खासकर हिमाचल में जीएसटी बदलाव से 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। यह जानकारी उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सचिवालय में दी।
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चौहान ने कहा कि जीएसटी कम होने से काफी चीजें सस्ती हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से बात कर जीएसटी स्लैब कम होने से राज्य को होने वाले नुकसान की भरपाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में आपदा ने तबाही मचाई है। अब तक हिमाचल को 3,787 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वर्ष 2023 में 10 हजार करोड़ का नुकसान हुआ। केंद्र ने सिर्फ 1500 करोड़ की मदद की। अब जीएसटी स्लैब में बदलाव से सरकारी खजाने में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि आपदा के चलते उद्योगों को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल को आपदा राज्य घोषित करने का आग्रह किया।
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गार्ड के हवाले छोड़ दिए जंगल, आईआफएस अधिकारी नहीं जाते मौके पर
उद्योग मंत्री ने कहा कि हिमाचल के जंगलों को फोरेस्ट गार्ड के हवाले छोड़ दिया गया है। आईएफएस अधिकारी जंगलों में नहीं जाते हैं। चंबा के रावी नदी में टनों के हिसाब से स्लीपर आए हैं। यह जांच का विषय है। अगर पेड़ आते तो लगता कि आपदा के चलते भूमि कटाव हुआ है। लेकिन नदी में स्लीपरों के आने से यह तो क्लीयर है कि जंगलों में अवैध कटान हुआ है।
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