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Snow Leopard Himachal: दवाइयों से ही होगा 15 वर्षीय ‘काजू’ का इलाज, नहीं काटा जाएगा पैर; ये है बीमारी

Fri, 25 Oct 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 25 Oct 2024 05:00 AM IST
सार

हिमालयन नेचर पार्क के एकमात्र एकमात्र बर्फीला तेंदुए ‘काजू’ का अब अगला बायां पैर नहीं काटा जाएगा। काजू ऑस्टियोसारकोमा यानी हड्डियों का घातक कैंसर से जूझ रहा है।

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Himachal News Himalayan Nature Park only snow leopard is suffering from deadly bone cancer
बर्फीला तेंदुआ काजू - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

कुफरी स्थित हिमालयन नेचर पार्क के एकमात्र बर्फीला तेंदुए ‘काजू’ का इलाज अब दवाइयों से ही किया जाएगा। उसका अगला बायां पैर नहीं काटा जाएगा। ऑस्टियोसारकोमा यानी हड्डियों का घातक कैंसर से जूझ रहे 15 वर्षीय काजू की अधिक उम्र और एनेस्थीसिया के साथ जुड़े जोखिमों के कारण यह फैसला लिया गया है।

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वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की समिति ने काजू के गहन परीक्षण और शारीरिक स्थिति का अवलोकन करने के बाद यह निर्णय लिया। इस समिति का नेतृत्व मुख्य वन्यजीव वार्डन कर रहे हैं। समिति का कहना है कि केवल दवाओं के माध्यम से ही काजू का इलाज किया जाएगा। एम्पुटेशन (अंगभंग) से उसकी स्थिति और भी जटिल हो सकती है और उम्र के इस पड़ाव पर इसका प्रभाव जानलेवा साबित हो सकता है। उसे देखभाल के लिए पार्क के पशु चिकित्सा अस्पताल में अलग वार्ड में रखा गया है। काजू 15 वर्ष का हो चुका है, जो बर्फीले तेंदुओं के लिए वृद्धावस्था मानी जाती है। उसकी सर्जरी की जाती है तो इस दौरान गंभीर जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। डीएफओ वन्यजीव शाहनवाज भट्ट ने बताया कि यह निर्णय काजू की उम्र के मद्देनजर लिया गया है। कुफरी चिडि़याघर में उसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
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धीरे-धीरे स्थिर हो रही है स्थिति
अधिकारियों का कहना है कि काजू की स्थिति नाजुक बनी हुई है, लेकिन दिनचर्या और आहार को नियंत्रित करने से उसकी तकलीफ कुछ हद तक कम करने में मदद मिली है। उसके टूटे हुए दांतों की वजह से उसे मांस के छोटे-छोटे टुकड़े दिए जा रहे हैं, ताकि वह आसानी से खा सके। चिकित्सा टीम का मानना है कि काजू की स्थिति धीरे-धीरे स्थिर हो रही है, लेकिन कैंसर का इलाज दीर्घकालिक होगा और उसकी स्थिति को स्थिर बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की आवश्यकता है।

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