फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News Fraud in the name of giving jobs in forest department accused used to call himself DM

Fraud: खुद को डीएम बता दिया नौकरी दिलाने का झांसा, ऐंठ लिए 22 लाख; शातिर ने छह युवाओं को बनाया शिकार

Tue, 05 Nov 2024 12:21 PM IST
अंकेश डोगरा दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
दीपक मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 05 Nov 2024 12:21 PM IST
सार

राजधानी शिमला के न्यू शिमला थाना क्षेत्र के तहत 22 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। वहीं, पुलिस ने सभी पैसों की बरामदगी कर ली है। आरोपी खुद को डीएम बताता था। कैसे देता था ठगी को अंजाम जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal News Fraud in the name of giving jobs in forest department accused used to call himself DM
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

वन विभाग में नौकरी देने के नाम पर हुई ठगी के मुख्य आरोपी दलीप सिंह नेगी ने ठगी की रकम से गाड़ी खरीद ली। आरोपी के बैंक खाते से साढ़े 22 लाख रुपये की बरामदगी की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को युवाओं के सामने डीएम के रूप में पेश करता था। इसी तरह से उसने सचिवालय के उच्च अधिकारियों से जान पहचान का हवाला देकर 6 युवाओं से लाखों रुपये की राशि ऐंठ कर ठगी को अंजाम दिया था। मामला राजधानी के न्यू शिमला थाना क्षेत्र का है। 14 मई 2024 को उपमंडल रोहड़ू के रहने वाले दो भाईयों निशांत और रितिक के साथ वन विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया था।

विज्ञापन


जांच आगे बढ़ी तो मामले में सुशांत, संजीव, भूपेंद्र और पुरुषोत्तम से भी ठगी की बात सामने आई। पुलिस के मुताबिक आरोपी दलीप सिंह नेगी ने अपने सह-आरोपी रितेश के साथ आपराधिक षडयंत्र रचकर इन युवाओं से ठगी की।   खुद को डीएम बताकर जाली दस्तावेज तैयार करने के लिए आरोपी ने अपने मोबाइल फोन और लेपटॉप तथा प्रिंटर का इस्तेमाल किया और वह उन दस्तावेजों को व्हाट्सएप के माध्यम से अपने सह-आरोपी रितेश के साइबर कैफे पर भेजता था।
विज्ञापन


सह-आरोपी रितेश इन दस्तावेजों पर वन विभाग का लोगो लगाकर उन्हें इंटरनेट से डाउनलोड करता था और आधार कार्ड पर नाम भी बदल देता था। जाली ज्वाइनिंग लेटर और एनसीसी सर्टिफिकेट तैयार कर जारी किए जाते थे। इसके बाद आरोपी दलीप सिंह फॉरेस्ट गार्ड के फर्जी नियुक्ति पत्र युवाओं को थमा देता था। इसकी एवज में आरोपी और सह-आरोपी रितेश को गूगल-पे के माध्यम से पैसे की अदायगी करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने आरोपी दलीप सिंह नेगी की कॉल डिटेल और उसके सह-आरोपी के बैंक खातों का विवरण प्राप्त किया तो दलीप नेगी के खाते में वर्ष 2024 में 22,48,251 रुपये जमा पाए गए। यह मामला काफी चर्चा में रहा है। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी से ठगी न हो।

इस तरह उजागर हुआ ठगी का मामला
इस मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर की थी। इसमें बताया था कि 2024 में मार्च  में आरोपी दलीप नेगी चिड़गांव के युवक निशांत के संपर्क में आया। निशांत सरकारी नौकरी की तलाश में था। आरोपी ने निशांत को वन विभाग में नौकरी दिलवाने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने निशांत से पैसे ऐंठने शुरू किए। निशांत का जाली एनसीसी कैडेट्स का प्रमाण पत्र और नियुक्ति पत्र बनवाया और 15 मई को ज्वाइनिंग करने के लिए कहा। एक महीने में आरोपी ने निशांत से 8.63 लाख रुपये ऐंठे जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित निशांत के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी।

आरोपी की छठी बार जमानत याचिका खारिज
जिला अदालत ने वन विभाग में नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में आरोपी दलीप सिंह नेगी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) ने याचिकाकर्ता दलीप सिंह नेगी, तहसील निचार, जिला किन्नौर निवासी को जमानत पर रिहा करने से इन्कार किया है। न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि आरोप-पत्र दाखिल करने की परिस्थिति बदल गई है इसलिए यह आवेदन खारिज करने योग्य है। बहस के बाद याचिका को खारिज कर दिया गया। आरोपी की जमानत याचिका छठी बार खारिज की है। छह महीने से आरोपी कैथू जेल में न्यायिक हिरासत में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed