फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Hitesh accused in the scholarship scam did not get regular bail

Himachal News: छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी हितेश को नहीं मिली नियमित जमानत, अदालत ने आवेदन को किया खारिज

Fri, 17 Oct 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 17 Oct 2025 05:00 AM IST
सार

200 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में अदालत ने आरोपी हितेश गांधी को नियमित जमानत देने से इन्कार कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
Himachal Hitesh accused in the scholarship scam did not get regular bail
जिला अदालत शिमला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित 200 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में ऊना के केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स के वाइस चेयरमैन हितेश गांधी को राहत नहीं मिली है। अदालत ने उन्हें नियमित जमानत देने से इन्कार कर दिया है। पंजाब के नवांशहर निवासी हितेश गांधी ने नियमित जमानत के लिए आवेदन दायर किया था।

विज्ञापन

इस पर सुनवाई करते हुए जिला अदालत शिमला के न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालत ने कहा कि आवेदक धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 45 के तहत आवश्यक दो शर्तों को पूरा करने में विफल रहा है।अदालत ने कहा कि ऐसा कोई ठोस आधार नहीं है, जिससे यह माना जा सके कि आवेदक धन शोधन के अपराध का दोषी नहीं है। साथ ही यह संभावना भी है कि यदि उसे जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकता है या सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत ने अभियोजन पक्ष के आरोपों, पीएमएलए की धारा 3 के तहत अपराध में आरोपी की संलिप्तता, गबन की गई छात्रवृत्ति राशि और मामले के वर्तमान चरण को ध्यान में रखते हुए कहा कि आवेदक जमानत पर रिहाई का हकदार नहीं है। आवेदक की ओर से यह दलील दी गई थी कि उसके खिलाफ पूरी कार्यवाही, विशेष रूप से गिरफ्तारी और निरंतर कारावास, कानून के विपरीत है। उसने बताया कि वह मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। अदालत ने सभी दलीलों को सुनने के बाद जमानत आवेदन को खारिज कर दिया।

विज्ञापन

यह है पूरा मामला
यह मामला पोस्ट मैट्रिक योजना के अंतर्गत एसटी/एससी/ओबीसी छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति से जुड़ा है। साल 2013 से 2018 के बीच यह घोटाला हुआ। इसमें 22 निजी शैक्षणिक संस्थान शामिल पाए गए। ईडी के अनुसार आरोपी हितेश केवल दो संस्थानों (पंडोगा और नवाशहर स्थित केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस) में शामिल था।
 

आरोप है कि उच्च शिक्षा निदेशालय और बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अवैध तरीके से छात्रवृति राशि प्राप्त की। उसके संस्थानों के माध्यम से 24.52 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति गबन की गई। कुल गबन की गई राशि 200 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। हिमाचल सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने 7 मई 2019 को एफआईआर दर्ज की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 19 जुलाई 2019 से मनी लॉन्ड्रिंग के जांच शुरू की। इसके बाद आरोपी हितेश गांधी और उसके सह आरोपियों को 29 अगस्त, 2023 को गिरफ्तार किया गया। यह भी आरोप है कि आरोपी हितेश गांधी ने केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के माध्यम से 4.42 करोड़ रुपये की आपराधिक आय प्राप्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed