HP High Court: हाईकोर्ट ने 2016 से 2021 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों से मांगा ब्योरा, जानें पूरा मामला
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने 2016 से दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बढ़े हुए संशोधित वेतनमान का लाभ देने के आदेश दिए थे। जिस पर अब हाईकोर्ट ने 2016 से 2021 के बीच विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अदालत में अपना ब्योरा देने के आदेश दिए हैं।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार को 2016 से 2021 के बीच विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अदालत में अपना ब्योरा देने के आदेश दिए हैं। राज्य उच्च न्यायालय ने 2016 से दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बढ़े हुए संशोधित वेतनमान का लाभ देने के आदेश दिए थे। इस आदेश के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की। यह सभी याचिकाकर्ता 2016 से 2024 के बीच सेवानिवृत्त हुए थे। 2016 से 2021 तक प्रदेश में करीबी 5000 हजार कर्मचारी सेवानिवृत्त हुए हैं। इन्हें अभी तक संशोधित वेतनमान का लाभ नहीं मिला है। हालांकि, 2022 के बाद सभी रिटायर कर्मचारियों को ये लाभ दे दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान देने की घोषणा 2020-21 के बजट में की थी और लगभग 4500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था। सरकार ने सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की पेंशन, ग्रेच्युटी, डीए, लीव-एनकैशमेंट, कम्यूटेशन और अन्य सेवा लाभ के तहत अदा करने का निर्णय लिया था, लेकिन यह राशि अभी तक अदा नही की गई है। न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव की खंडपीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिए कि जो कर्मचारी 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं, उन सभी को नए वेतन आयोग की संशोधित ग्रेच्युटी, डीए, लीव-एनकैशमेंट, कम्यूटेशन और एरियर का भुगतान छह सप्ताह के भीतर किया जाए। इसी आदेश के खिलाफ सरकार ने हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी। इसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी मामले एक साथ सुने जाएंगे।