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Himachal News: हिमाचल हाईकोर्ट ने कहा- आदेशों की अवहेलना पर एचपीयू की संपत्ति हो सकती है कुर्क, जानें मामला
Sun, 06 Apr 2025 10:11 AM IST
अंकेश डोगरा
भारती मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
भारती मेहता, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 06 Apr 2025 10:11 AM IST
सार
हिमाचल हाईकोर्ट ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा अगर कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की गई तो संपत्ति कुर्क कर दी जाएगी। ऐसा हाईकोर्ट ने क्यों कहा जानें पूरा मामला...
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल हाईकोर्ट ने अनुबंध सेवाकाल का लाभ न देने पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए कहा कि अगर कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की गई तो संपत्ति कुर्क कर दी जाएगी। अदालत ने एक हफ्ते के भीतर आदेशों की अनुपालना के आदेश दिए हैं।
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आदेशों की अनुपालना न करने पर कोर्ट ने अगली सुनवाई में दोषी अधिकारियों को मौजूद रहने के भी आदेश दिए। साथ ही कहा कि आदेशों की अनुपालना न करने पर क्यों न विवि की संपत्ति को कुर्क किया जाए और दोषी अधिकारियों के वेतन में कटौती की जाए। न्यायाधीश संदीप शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश पारित किए हैं। अदालत ने प्रतिवादियों हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और डीन ऑफ स्टडीज को एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल को होगी।
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यह है मामला
याचिकाकर्ता ने वर्ष 2010 में वाणिज्य विषय में अनुबंध आधार पर सहायक प्रोफेसर कॉलेज काडर के रूप में सेवाएं दीं। उनकी सेवाओं को वर्ष 2016 में नियमित किया गया। वर्ष 2017 में याचिकाकर्ता को यूसीबीएस एवालॉज शिमला में व्यवसाय प्रशासन में सहायक प्रोफेसर नियुक्त किया गया। याचिका में मांग की गई है कि कॅरियर उन्नति योजना के तहत उन्हें अनुबंध सेवाकाल का लाभ दिया जाए। अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए प्रतिवादी यानी विश्वविद्यालय को निर्देश दिए थे कि याचिकाकर्ता की 2010 से 2016 तक कॉलेज में दी संपूर्ण अनुबंध सेवा को गिनकर उसे कॅरियर उन्नति योजना के लाभ और सभी परिणामी लाभ प्रदान किए जाएं। अदालत ने पिछली सेवाओं की गणना करने, उसे चरण-11, चरण -12 और पदोन्नति का लाभ देने को कहा था, लेकिन विवि ने कोर्ट के आदेशों की अभी तक अनुपालना नहीं की है।
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