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हिमाचल: चरस तस्करी में गिरफ्तार 77 वर्षीय बुजुर्ग को हाईकोर्ट ने दी नियमित जमानत
Thu, 09 Jul 2026 05:50 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 09 Jul 2026 05:50 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने चरस तस्करी के एक मामले में दो साल से अधिक समय से जेल में बंद 77 वर्षीय बुजुर्ग नूप राम को बड़ी राहत दी है।
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अदालत(सांकेतिक)।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चरस तस्करी के एक मामले में दो साल से अधिक समय से जेल में बंद 77 वर्षीय बुजुर्ग नूप राम को बड़ी राहत दी है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की एकल पीठ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 483 के तहत दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को नियमित जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 24 फरवरी 2024 को कुल्लू जिले के बंजार पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बथाड के पास पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पैदल चलते देखा।
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उसने हाथ में पकड़ा बैग सड़क किनारे फेंक दिया। पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब उस बैग की तलाशी ली तो उसमें से 5 किलोग्राम 5 ग्राम चरस बरामद हुई। इस पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले याचिकाकर्ता ने कुल्लू के विशेष न्यायाधीश-दो की अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया था। हालांकि, 6 मई को ट्रायल कोर्ट ने इस आधार पर याचिका खारिज कर दी थी कि आरोपी के पास से व्यावसायिक मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई है। इसलिए एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के सख्त प्रावधान लागू होते हैं।
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उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता और कानूनी पहलुओं को संतुलित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से तैयार की गई और सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित संशोधित एसओपी के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के विचाराधीन कैदियों के मामलों पर जमानत के लिए विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता की उम्र 77 वर्ष हो चुकी है और वह दो साल से अधिक समय से सलाखों के पीछे है। ऐसे में किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल के लिए जेल में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिकाकर्ता को पांच लाख रुपये का व्यक्तिगत बाॅन्ड और इतनी ही राशि के दो स्थानीय जमानतदार पेश करने होंगे।
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