Himachal News: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- अब चिट्टे के खिलाफ अभियान बनेगा जन आंदोलन
15 नवंबर को शिमला में प्रस्तावित एंटी चिट्टा वॉकथॉन की तैयारियों के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ अभियान को अब जन आंदोलन बनाया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के खिलाफ अभियान को अब जन आंदोलन बनाया जाएगा। इस आंदोलन में प्रदेश के हर व्यक्ति की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। 15 नवंबर को शिमला में प्रस्तावित एंटी चिट्टा वॉकथॉन की तैयारियों के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वॉकथॉन में हिस्सा लेने के लिए ‘बार कोड’ स्कैन से पंजीकरण किया जा सकता है। वॉकथॉन के दौरान रिज से चौड़ा मैदान तक विभिन्न प्रकार की जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। वॉकथॉन में युवा, छात्र और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग हिस्सा लेंगे। सुक्खू ने सभी विभागों को इस आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि चिट्टा के खिलाफ 15 नवंबर से शुरू होने वाला यह अभियान तीन माह तक चलेगा। यह चिट्टे के खिलाफ प्रदेश सरकार की निर्णायक लड़ाई होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय एंटी चिट्टा वॉकथॉन के बाद जिला स्तर और उप मंडल स्तर पर भी चिट्टा के खिलाफ विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इन आयोजनों में मंत्रिमंडल के सदस्य, सभी विधायक और समाज के गण्यमान्य व्यक्ति हिस्सा लेंगे। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने वॉकथॉन के आयोजन को लेकर तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्याम भगत नेगी, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, ओएसडी गोपाल शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक की जाने वाली यह कार्रवाई अब तक चिट्टा के खिलाफ सबसे बड़ा प्रहार होगा। इस अभियान में सरकार के प्रतिनिधि, पुलिस, विभिन्न विभाग, स्वयंसेवक, विद्यार्थी और अन्य लोग विभिन्न स्तरों पर कार्य करेंगे। इस दौरान नशा निवारण जागरूकता पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अभियान के दौरान जिला, उपमंडल और अन्य स्तरों पर भी एंटी चिट्टा रैलियां आयोजित की जाएंगी। प्रदेश से चिट्टा के समूल नाश के लिए पुलिस विभाग में एक विशेष सेल गठित किया जाएगा। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री स्वयं इस अभियान की निगरानी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग ने चिट्टा से सबसे अधिक प्रभावित पंचायतें चिह्नित कर ली हैं। इन पंचायतों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जएगा। महाविद्यालयों में एंटी चिट्टा वालंटियर तैयार किए जाएंगे। प्रदेश में मादक पदार्थों और नशे के सेवन एवं अवैध कारोबार को रोकने के लिए पंचायत स्तर पर नशा निवारण समितियों का गठन का किया जाएगा। समिति में अध्यक्ष सहित सात सदस्य होंगे। समितियों की हर माह बैठक होगी, जिसमें क्षेत्र में चिट्टा व चिट्टा से संबंधित गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर इसे प्रवर्तन एजेंसियों से साझा किया जाएगा। यह समितियां स्कूलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नशा निवारण व इससे होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेंगी।