Himachal : ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के लिए सीएम सुक्खू पहुंचे बागा सराहन, गांव में गुजारेंगे रात
दूररदराज के लोगों के सुख-दुख को साझा करते मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का यह अभियान मंगलवार को आनी विधानसभा क्षेत्र के दूरदराज इलाके बागा सराहन पहुंचा।
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डोडरा क्वार से शुरू हुई गांव की रात तक की मेहमानी के बहाने दूररदराज के लोगों के सुख-दुख को साझा करते मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का यह अभियान मंगलवार को आनी विधानसभा क्षेत्र के दूरदराज इलाके बागा सराहन पहुंचा। वह सड़क मार्ग से पहुंचे हैं। सीएम सुक्खू सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के तहत यहां रात्रि ठहराव करेंगे। आनी विधानसभा क्षेत्र के इस गांव में पहुंचने से पहले निरमंड और अन्य जगह मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत हुआ।
बागा सराहन एक दुर्गम इलाका
बागा सराहन एक ऐसा दुर्गम इलाका है, जहां गुजर-बसर करना पहाड़ जैसी चुनौती है। जिला मुख्यालय कुल्लू पहुंचने में यहां से दस घंटे लग जाते हैं। लोग कहते हैं कि कुल्लू पहुंचना यहां से बहुत नजदीक हो सकता है। अगर बशलेऊ जोत होकर बठाड के लिए सड़क बन जाए। आनी-जलोड़ी जोत सुरंग परियोजना भी बन जाए तो भी सफर काफी कम हो जाएगा। कनेक्टिविटी नहीं होने से लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए मीलों सफर पैदल तय करना होता है। जिला मुख्यालय कुल्लू के बजाय राजधानी शिमला जाना आसान और नजदीक लगता है।
बागा सराहन में वह ग्रामीण केवल राम के घर में ठहरेंगे। डोडरा क्वार में जब सीएम सुक्खू पहली बार इस कार्यक्रम को शुरू कर रहे थे तो उन्होंने क्वार के धन्द्रवाड़ी में शिक्षक हरदयाल खेपान के घर में रात्रि भोज किया था। सीएम सुक्खू बर्फबारी के बाद महीनों शेष हिमाचल से पूरी तरह कट जाने वाले डोडरा क्वार के बाद दुर्गम इलाके कुपवी, बंजार की तीर्थन घाटी के शरची जैसे इलाकों में भी इसी तरह से रात्रि ठहराव कर लोगों की समस्याओं को जान चुके हैं।
कांग्रेस की गारंटी को पूरा करने के लिए सीएम ने चुने दुर्गम गांव
कांग्रेस की गारंटी को पूरा करने के लिए भी मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के दुर्गम गांवों को चुना है, जहां पहुंचना ही बड़ा मुश्किल काम है। लाहौल स्पीति, डोडरा क्वार, कुपवी, बंजार आदि के बाद सीएम सुक्खू मंगलवार को बागा सराहन की करीब 1800 पात्र महिलाओं को 1500-1500 रुपये महीने का तोहफा दे रहे हैं।