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Himachal News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- गोसदनों में पशुओं के लिए किया चारा अनुदान 700 से बढ़ा 1,200 रुपये
Sun, 01 Jun 2025 06:09 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 01 Jun 2025 06:09 PM IST
सार
हिमाचल सरकार ने गोसदनों में रखे गए पशुओं के लिए मासिक चारा अनुदान को 700 रुपये से बढ़ाकर 1,200 रुपये प्रति पशु करने का निर्णय लिया है। पढ़ें पूरी खबर...
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (फाइल फोटो)।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में बेसहारा गाेवंश की देखभाल और उनके कल्याण के उद्देश्य से राज्य सरकार ने गोसदनों में रखे गए पशुओं के लिए मासिक चारा अनुदान को 700 रुपये से बढ़ाकर 1,200 रुपये प्रति पशु करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय सरकार की पशुधन कल्याण और किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ अनुदान बेसहारा गोवंश की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने में कल्याणकारी साबित होगा। इस निर्णय से खेतों में बेसहारा घूमने वाले पशुओं से किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा।
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सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने पशुधन कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। गोसदनों की स्थापना और विस्तार के लिए स्थानीय लोगों और संस्थाओं को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। नए गोसदनों की स्थापना के लिए सरकार लोगों को 10 लाख रुपये अथवा परियोजना लागत की 50 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में प्रदान कर रही है। इसी प्रकार गोसदन के विस्तार के लिए पांच लाख अथवा परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अनुदान भी दिया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इन प्रयासों को मजबूती देने के लिए शराब पर उप कर बढ़ाकर 2.50 रुपये प्रति बोतल किया है, जिससे प्राप्त अतिरिक्त राजस्व को गोसेवा के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।
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वर्तमान सरकार पशुधन की सुरक्षा और किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। पशु खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे किसानों को आर्थिक हानि होती है। इस स्थिति में किसान निराश हो रहे हैं और खेती से विमुख होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस गंभीर समस्या को समझती है और इसे दूर करने के लिए निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। चारे के लिए बढ़ाया गया अनुदान गोसदनों की स्थिति में सुधार लाने और प्रदेश में बेसहारा पशुओं की समस्या को कम करने में मददगार सिद्ध होगा।
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