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Himachal: सीएम सुक्खू बोले- जनजातीय क्षेत्र में विकसित करेंगे बौद्ध टूरिज्म सर्किट, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
Mon, 02 Dec 2024 09:12 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 02 Dec 2024 09:12 PM IST
सार
सोमवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद की 49वीं बैठक हुई। जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बौद्ध टूरिज्म सर्किट विकसित करेगी।
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हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद की 49वीं बैठक की अध्यक्षता करते मुख्यमंत्री सुक्खू।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बौद्ध टूरिज्म सर्किट विकसित करेगी। इसके लिए हेलीपोर्ट भी विकसित किए जा रहे हैं। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। जनजातीय क्षेत्र के लोगों को नौतोड़ स्वीकृत करना सरकार की प्राथमिकता है। इसका प्रस्ताव मंत्रिमंडल ने मंजूरी के बाद राज्यपाल को भेजा है। उम्मीद है कि राज्यपाल शीघ्र ही इस पर अपना अनुमोदन प्रदान करेंगे।
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सोमवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद की 49वीं बैठक हुई। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल आपूर्ति और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने बैठक में नौतोड़ का मामला उठाया।
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बैंकों से कर्ज ले सकेंगे जनजातीय लोग
सुक्खू ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न कार्यों के लिए ऋण लेने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए हिमाचल प्रदेश भूमि हस्तांतरण विनियमन एक्ट 1968 में संशोधन का प्रावधान केंद्र सरकार को भेजा था, जिसकी संस्तुति अप्रैल 2023 में प्राप्त हो चुकी है। अब जनजातीय लोगों को ऋण लेने के लिए पहले सरकार से अनुमति की जरूरत नहीं होगी और वे अन्य लोगों की तरह बैंकों से ऋण ले सकेंगे।
जनजातीय विकास कार्यक्रम में 890.28 करोड़ का प्रावधान
सुक्खू ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में जनजातीय उप योजना व जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 890.28 करोड़ और गैर योजना में 1145.46 करोड़ का प्रावधान किया गया है। योजना बजट में भवन, सड़कों व पुलों के निर्माण पर 117.43 करोड़, शिक्षा क्षेत्र पर 37.45 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं पर 52.75 करोड़ और पेयजल योजनाओं के लिए 75.75 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध करवाया गया है।
सुक्खू ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न कार्यों के लिए ऋण लेने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए हिमाचल प्रदेश भूमि हस्तांतरण विनियमन एक्ट 1968 में संशोधन का प्रावधान केंद्र सरकार को भेजा था, जिसकी संस्तुति अप्रैल 2023 में प्राप्त हो चुकी है। अब जनजातीय लोगों को ऋण लेने के लिए पहले सरकार से अनुमति की जरूरत नहीं होगी और वे अन्य लोगों की तरह बैंकों से ऋण ले सकेंगे।
जनजातीय विकास कार्यक्रम में 890.28 करोड़ का प्रावधान
सुक्खू ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में जनजातीय उप योजना व जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत 890.28 करोड़ और गैर योजना में 1145.46 करोड़ का प्रावधान किया गया है। योजना बजट में भवन, सड़कों व पुलों के निर्माण पर 117.43 करोड़, शिक्षा क्षेत्र पर 37.45 करोड़, स्वास्थ्य सेवाओं पर 52.75 करोड़ और पेयजल योजनाओं के लिए 75.75 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध करवाया गया है।