Rahul Gandhi FIR: राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर की हिमाचल के सीएम और डिप्टी CM ने की निंदा, जानें क्या बोले
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई एफआईआर की निंदा की है। पढ़ें पूरी खबर...
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ की गई एफआईआर की निंदा की है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह स्वयं एवं पूरी कांग्रेस पार्टी राहुल के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल ने निःस्वार्थ भावना से कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा की, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को देशभर में पुनर्स्थापित करने के साथ-साथ भाईचारे की भावना को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कांग्रेस नेता पर लगाए गए आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। गांधी परिवार के बलिदानों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। एक ऐसा परिवार, जिसने देश के लिए बहुमूल्य योगदान दिए हैं, उसके किसी सदस्य पर इस तरह के निराधार आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनीतिक द्वेष के लिए किसी भी पार्टी को इस तरह के कृत्य शोभा नहीं देते।
गांधी परिवार ने अपने त्याग और बलिदान से भारत की मिट्टी में अमर गाथा लिखी है। उनका रक्त इस देश के कण-कण में समाया हुआ है। माननीय नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi जी पर झूठे आरोप लगाकर भाजपा ने उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
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राहुल जी… pic.twitter.com/ehN2p1JgRU — Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) December 20, 2024
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से एकता और भाईचारे का जो संदेश दिया, वह हर भारतीय के दिल में गूंजता है। भाजपा द्वारा लगाए गए इन बेबुनियाद आरोपों की मैं कड़ी निंदा करता हूं और सच्चाई की इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा हूं।
क्या बोले उप मुख्यमंत्री?
वहीं, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इसे इसे देश के समृद्ध लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। शुक्रवार को धर्मशाला में चल रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने संसद में प्रतिपक्ष के नेता के साथ हुए घटनाक्रम को तानाशाही करार देते हुए सरकार के इस व्यवहार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि आप संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ टिप्पणी करेंगे तो इसका विरोध पूरा देश करेगा। कांग्रेस के नेता देश की आवाज बनाकर डॉ. अंबेडकर के खिलाफ की गई टिप्पणी पर अपना विरोध जता रहे थे तभी सरकार के नेताओं ने उनकी आवाज दबाने के लिए नेता प्रतिपक्ष और उनके साथियों से अभद्र व्यवहार किया।
अग्निहोत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पूरी तरह से तानाशाही पर उतर आई है लेकिन कांग्रेस लड़ाई लड़ना जानती है। पूर्व में भी जब कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को संसद से बाहर करने और उनका आवास छीनने के असफल प्रयास केंद्र की सरकार ने किए थे, तब भी कांग्रेस लोकतांत्रित हितों के लिए लड़ी थी और अंत में सत्य की जीत हुई थी। उन्होंने कहा कि संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ हुए अभद्र व्यवहार भी केंद्र की अलोकतांत्रित मानसिकता को दर्शाता है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि राहुल गांधी को संसद में जाने से रोकना और कांग्रेस नेताओं के साथ धक्का-मुक्की करना न केवल लोकतंत्र का अपमान है, बल्कि यह दिखाता है कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है। ऐसी घटनाएं सरकार की तानाशाही मानसिकता को उजागर करती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि संसद जनता की आवाज का प्रतीक है और इसमें हर नेता को अपनी बात रखने का अधिकार है। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के प्रयास सफल नहीं होंगे। कांग्रेस इस मुद्दे को हर स्तर पर उठाएगी और जनता के सामने सच्चाई लाएगी। उन्होंने राहुल गांधी और अन्य नेताओं के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए इसे अस्वीकार्य बताया।
लोकतान्त्रिक मूल्य का हनन करके केंद्र सरकार मान्यता प्राप्त विपक्ष का रास्ता रोक रही है।
— Mukesh Agnihotri (@Agnihotriinc) December 20, 2024
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी को संसद में जाने से रोकना @INCIndia के अध्यक्ष श्री @kharge जी व अन्य सांसदों के साथ धक्का-मुक्की करना बेहद निंदनीय एवं दुर्भाग्यपूर्ण। pic.twitter.com/gLGeZof8id
क्या है मामला?
गौरतलब है कि पुलिस ने गुरुवार को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें उन्हें शारीरिक हमले और उकसाने का आरोप लगाया गया था। यह घटना संसद परिसर में हुई थी, जिसमें भाजपा सांसद घायल हो गए थे। भाजपा ने राहुल गांधी पर वरिष्ठ सांसद को धक्का देने का आरोप लगाया था, जिसे विपक्षी नेता ने साफ नकार दिया है।
मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को भाजपा नेताओं की साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के मुद्दे पर चर्चा से बचने के लिए भाजपा ने जिस प्रकार हंगामा किया, वह उसकी दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। वह असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। संसद में धक्का-मुक्की के मामले को बेवजह तूल देकर कांग्रेस को बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
चौहान ने कहा कि डॉ. आंबेडकर देश के महान एवं सम्मानजनक नेता थे, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में उनके खिलाफ आपत्तिजनक एवं अपमानजनक टिप्पणी की है। यहब डॉ.आंबेडकर और देश के संविधान का सरासर अपमान है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपनी बात कहने से रोकना लोकतांत्रित मूल्यों का हनन है।
नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा ने संसद के भीतर इस प्रकार का ड्रामा रचकर देश को बदनाम करने की कोशिश की है। भाजपा सांसदों ने संसद में अराजकता का माहौल पैदा किया और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे को निशाना बनाकर उन पर हमला किया। कांग्रेस के सांसदों के साथ धक्कामुक्की की, लेकिन भाजपा अपनी गलतियों को छिपाकर कांग्रेस पार्टी को निशाना बना रही है। चौहान ने कहा कि देश आज मंहगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है। मणिपुर के हालात किसी से छिपे नहीं हैं, लेकिन केंद्र सरकार इन गंभीर मुद्दों से देश का ध्यान भटकाकर संसद में चर्चा से बचने के लिए सोची-समझी साजिश के तहत कांग्रेस के सांसदों को संसद में जाने से रोकती है।