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Himachal Chitta: चिट्टे का कॉकटेल ले रहा युवाओं की जान, मुनाफे के लिए नींद और टेलकम पाउडर की मिलावट; जानें
Thu, 06 Mar 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
देवेंद्र ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
देवेंद्र ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Thu, 06 Mar 2025 05:00 AM IST
सार
चिट्टे का कॉकटेल युवाओं की जान ले रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक नशा तस्कर अधिक कमाई के चक्कर में चिट्टे में कई नशे की दवाइयां जैसे नींद की गोलियों, टेलकम पाउडर और नसों के दर्द में आराम पहुंचाने वाली दवाइयां मिला रहे हैं।
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चिट्टा।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
चिट्टे के नशे की ओवरडोज से जान गंवाने वाले युवाओं की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि युवाओं की मौत की वजह चिट्टा ही नहीं, बल्कि इसमें मिलावट के तौर पर इस्तेमाल होने वाली कई नशे की दवाइयां भी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इन दवाइयों की मिलावट होने की पुष्टि हुई है। ऐसे में कह सकते हैं एक तरह से चिट्टे का कॉकटेल युवाओं की जान ले रहा है।
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इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल शिमला देश का पहला ऐसा संस्थान है, जहां एक मिनट में एबोन किट से नशे के सेवन का पता लगाया जा रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक नशा तस्कर अधिक कमाई के चक्कर में चिट्टे में कई नशे की दवाइयां जैसे नींद की गोलियों, टेलकम पाउडर और नसों के दर्द में आराम पहुंचाने वाली दवाइयां मिला रहे हैं। जब युवा इसका सेवन करते हैं, तो इससे उनकी सांस लेने की प्रणाली, हृदय और किडनी प्रभावित होती है। इससे वे असमय मौत का शिकार हो रहे हैं।
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नशे की दवाइयों को पीसकर चिट्टे में मिलाया जाता है, लेकिन इन दवाइयों के कण अधिक बारीक नहीं हो पाते हैं। इस वजह से यह शरीर के विभिन्न अंगों के लिए घातक होते हैं। खासकर ऐसी दवाइयां व्यक्ति के दिमाग में स्थित सांस लेने के केंद्र को निष्क्रिय करती हैं। इससे सेवन करने वाले व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत आती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर बढ़ जाता है। रक्त में तेजाब की मात्रा बढ़ जाती है। पुलिस जांच में भी यह बात सामने आई है कि तस्कर एक किलो चिट्टे को इसी तरह की विभिन्न दवाइयों की मिलावट करके तीन किलो बना देते हैं और इससे लाखों का मुनाफा होता है।
200 रुपये की एबोन किट से एक मिनट में नशे की पुष्टि
चिट्टे का सेवन करने वालों की पहचान करने के लिए अभिभावक 200 रुपये की एबोन किट खरीदकर इसकी पुष्टि कर सकते हैं। आईजीएमसी के प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र में यह किट उपलब्ध है। इस किट से छह प्रकार के नशों की पहचान की जा सकती है। इसमें महज एक मिनट में यूरिन टेस्ट के जरिये नशा करने और नहीं करने की पुष्टि हो जाती है।
200 रुपये की एबोन किट से एक मिनट में नशे की पुष्टि
चिट्टे का सेवन करने वालों की पहचान करने के लिए अभिभावक 200 रुपये की एबोन किट खरीदकर इसकी पुष्टि कर सकते हैं। आईजीएमसी के प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र में यह किट उपलब्ध है। इस किट से छह प्रकार के नशों की पहचान की जा सकती है। इसमें महज एक मिनट में यूरिन टेस्ट के जरिये नशा करने और नहीं करने की पुष्टि हो जाती है।