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हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- सनौरा-छैला सड़क को सीआरएफ में डालने का किया आग्रह

Tue, 26 Aug 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Tue, 26 Aug 2025 05:00 AM IST
सार

प्रश्नकाल के दौरान विधायक रीना कश्यप के सवाल के जबाव में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि सनौरा-नेरीपुल-छैला सड़क को सीआरएफ (सेंट्रल रोड फंड) में डालने का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया गया है। पढ़ें पूरी खबर...

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Himachal Assembly Monsoon Session CM Sukhu said urged to include Sanaura-Chhaila road in CRF
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सदन को संबोधित करते हुए। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि सनौरा-नेरीपुल-छैला सड़क को सीआरएफ (सेंट्रल रोड फंड) में डालने का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से आग्रह किया गया है। सेब सीजन के दौरान बड़े ट्रक इस मार्ग से होकर गुजरते हैं। कम कीमत में अधिक सामान मंडियों में भेजने के लिए किसान-बागवान इस मार्ग का अधिक प्रयोग करते हैं। विधायक रीना कश्यप ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि इस मार्ग पर बड़े-बड़े ट्राले खड़े रहते हैं। पुलों की हालत ठीक नहीं है। नौ टन की क्षमता वाले पुलों से 40 टन से अधिक सामान से लदे ट्रक यहां से गुजर रहे हैं। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सेब सीजन के दौरान और बरसात में जगह-जगह भूस्खलन के कारण मार्ग बाधित रहता है। इन परिस्थितियों को छोड़कर इस मार्ग पर यातायात सुचारू चलता है। इस विषय में एसपी सिरमौर, डीएसपी और थाना प्रभारी राजगढ़ द्वारा अनुमेय सीमा से अधिक भार क्षमता वाले वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी की जा रही है।

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जंगली जानवरों से पेड़-पौधों को नुकसान होने पर नहीं है मुआवजे का प्रावधान
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में जंगली जानवरों द्वारा पेड़-पौधों को जो नुकसान होता है, उसके लिए मुआवजा प्रदान के लिए अभी कोई प्रावधान नहीं है। इस बाबत अन्य राज्यों का अध्ययन कर विचार किया जाएगा। विधायक अनुराधा राणा ने मामले उठाते हुए कहा कि मुआवजा देने का प्रावधान होना चाहिए। जानवरों को भगाने के लिए लाइट और साउंड सिस्टम का प्रयोग करना चाहिए।
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जाति या उप जाति की दुरुस्ती को चुराह में लगाएंगे सर्किट कोर्ट : नेगी
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि जाति या उप जाति की दुरुस्ती के लिए जिला चंबा के चुराह विधानसभा क्षेत्र में सर्किट कोर्ट लगाया जाएगा। प्रदेश में इस प्रकार के कुल 247 मामले लंबित हैं। इसकी प्रक्रिया जटिल जरूर है। इसके लिए सरकार ने राजस्व एक्ट में संशोधन करते हुए समयसीमा तय की है। नौ माह का सेटलमेंट अफसर को समय दिया गया है। चुराह के लंबित मामले निपटाने के लिए सेटलमेंट अधिकारी धर्मशाला का कैंप आफिस भी लगाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे पूर्व भाजपा विधायक हंसराज ने सवाल उठाया कि अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनाने के लिए जाति दुरुस्ती की बड़ी समस्या पेश आ रही है। साल 2022 तक एसडीएम के दफ्तर में यह काम हो जाता था। अब धर्मशाला जाना पड़ता है। उन्होंने एक समान वाले मामलों को लटकाया नहीं जाना चाहिए।
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कुमारसैन में जल्द शुरू होगा पुलिस थाना भवन का निर्माण
विधायक कुलदीप सिंह राठौर के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमारसैन में जल्द पुलिस थाना के भवन का निर्माण शुरू होगा। पुलिस विभाग के नाम पर भूमि ट्रांसफर नहीं हुई थी। अब शिक्षा विभाग से एनओसी मिल गई है। रजिस्ट्री होते ही निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे पूर्व विधायक ने कहा कि जुलाई 2023 की प्राकृतिक आपदा के दौरान थाने का भवन क्षतिग्रस्त हो गया था। भवन को असुरक्षित घोषित किया गया। अब निजी भवन में थाना चल रहा है।

मेहंदली सब्जी मंडी बना रहे ठेकेदार को देंगे नोटिस : चंद्र
कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने बताया कि रोहड़ू के मेहंदली में सब्जी मंडी का निर्माण कर रहे ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाएगा। कोरोना काल के दौरान ठेकेदार की लेबर चली गई थी। विधायक मोहन लाल ब्राक्टा ने मामला उठाते हुए कहा कि मेहंदली में सब्जी मंडी के निर्माण का काम कोलकाता के ठेकेदार को दिया गया है। काम सुस्त गति से चल रहा है। काम को तेज करवाया जाए या टेंडर को रद्द किया जाए।

विधायक कालिया ने उठाया मरवाड़ी में पीएचसी भवन निर्माण का मामला
कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने प्रश्नकाल के दौरान गगरेट विधानसभा क्षेत्र के तहत मरवाड़ी में पीएचसी का भवन निर्माण शुरू नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन के चलते भवन को गिराया गया था। रेलवे लाइन बने लंबा समय हो गया है लेकिन पीएचसी का निर्माण नहीं हआ। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने कहा कि दो हेक्टेयर भूमि पर पीएचसी थी, रेलवे ने इसका अधिग्रहण किया। 31 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर जमा करवाया है। नए भवन निर्माण के लिए पत्राचार जारी है। उपायुक्त ऊना से रिपोर्ट मांगी जाएगी।

शिक्षकों की नई नियुक्तियों में चंबा जिला को दे रहे प्राथमिकता : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की नई नियुक्तियों में चंबा जिला को प्राथमिकता दी जा रही है। भरमौर और पांगी में शिक्षकों के 1338 पद स्वीकृत हैं। 912 पद भरे हुए हैं। क्षेत्र में 70 फीसदी पद भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक जनकराज सत्ता पक्ष और विपक्ष में एकमात्र डॉक्टर हैं। इनकी जरूरत कब पड़ जाए, पता नहीं। ऐसे में इनका विशेष ध्यान रखा जा रहा है। जवाब में विधायक ने कहा कि उनके क्षेत्र में जो नियुक्तियां की गई हैं, उनके आदेशों में अब बदलाव नहीं होना चाहिए।
 

अगर बदलाव करना आवश्यक हो तो विकल्प साथ में दिए जाए। उन्होंने कहा कि उनका विधानसभा क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। उधर, कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने कहा कि वह बीते दिनों यूएसए के दौरे पर गए थे। वहां सेंट्रल स्टूडियो के माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती है। प्रदेश के स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास रूम है। इस तकनीक का प्रयोग होना चाहिए। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में भी ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जा रही हैं। यूएसए की योजना के बारे में विधायक से विस्तार से जानकारी ली जाएगी।

सरकार बताने में असमर्थ, कब शुरू होगा सीयू के उत्तरी परिसर का निर्माण : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने विधायक सुधीर शर्मा के सवाल का लिखित जवाब देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना संसद द्वारा पारित केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम 2009 के तहत की गई थी। विश्वविद्यालय का वित्तपोषण और विनियमन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा किया जाता है। राज्य सरकार केवल निर्धारित स्थान पर इसकी स्थापना के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी है। राज्य सरकार यह बताने में असमर्थ है कि जदरांगल (धर्मशाला) स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर का निर्माण कार्य कब शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 57.10 हेक्टेयर वन भूमि का केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम पर हस्तांतरण न होने के कारण, केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका है। 
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