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हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: विपक्ष की गैरमौजूदगी में शत प्रतिशत अनुदान सहायता का प्रस्ताव पारित

Thu, 05 Sep 2024 10:31 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 05 Sep 2024 10:31 PM IST
सार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को राज्य में वर्ष 2023-24 के दौरान आई प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र से शत प्रतिशत अनुदान के रूप में सहायता राशि प्रदान करने के लिए वीरवार को एक संकल्प पारित किया। अब इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। 

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Himachal Assembly In the absence of opposition the proposal for 100 percent grant assistance was passed
हिमाचल विधानसभा - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने राज्य में वर्ष 2023-24 के दौरान आई प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र से शतप्रतिशत अनुदान के रूप में सहायता राशि प्रदान करने के लिए वीरवार को एक संकल्प पारित किया। अब इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यह संकल्प मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को सदन में पेश किया था। विधानसभा सदन में प्रस्ताव पारित के दौरान विपक्ष नदारद रहा।

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इस संकल्प प्रस्ताव पर वीरवार को सदन में चर्चा हुई है। संकल्प के अनुसार जिस प्रकार वर्ष 2024-25 के बजट में केंद्र सरकार ने 3 आपदा प्रभावित राज्यों सिक्किम, असम और उत्तराखंड के बाढ़ प्रबंधन और संबंधित परियोजनाओं के लिए अनुदान के रूप में सहायता देने की घोषणा की है, उसी तर्ज पर हिमाचल को भी शतप्रतिशत सहायता राशि प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने सीधी सहायता देने के बजाय मल्टीलेटरल फंडिंग एजेंसी से बाह्य सहायता देने की बात कही है। यह सहायता 80:20 के अनुपात में मिलती है और प्रदेश को इसमें अपना 28 फीसदी हिस्सा देना पड़ता है।
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यही नहीं, मल्टीलेटरल फंडिंग एजेंसी से बाह्य सहायता परियोजना के अनुमोदन में भी काफी समय लगता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के तहत केंद्र से मिल रहा पैसा हिमाचल का अधिकार है और केंद्र यह पैसा देकर कोई खैरात नहीं बांट रहा है, क्योंकि यह राशि 15 वें वित्तायोग की सिफारिशों के अनुसार हर राज्य को दी जाती है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष मानसून सीजन के दौरान 386 लोगों की मृत्यु हुई, जबकि कई लोग अभी भी लापता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह लगभग 24,885 घर क्षतिग्रस्त हुए, जिसमें पक्के, पक्के, झोपड़ियां व गोशालाएं, दुकानें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 22879 परिवार सीधे तौर पर इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
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भाजपा की तरह मूकदर्शक नहीं बनकर रहेंगे, वित्त मंत्री से मिलेंगे
सीएम सुक्खू ने कहा कि वह जल्द ही केंद्रीय वित्त मंत्री से मुलाकात करेंगे। पीडीएनए के तहत लंबित धनराशि जारी करने की मांग की जाएगी। सुक्खू ने कहा कि वह अपने अधिकारों और केंद्र से आवंटन के लिए लड़ेंगे और भाजपा की तरह मूकदर्शक नहीं बने रहेंगे।

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