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शिमला: डगशाई स्कूल के बच्चों की सुरक्षा पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार-एनएचएआई को नोटिस
Mon, 19 Oct 2026 08:00 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 19 Oct 2026 08:00 PM IST
सार
प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोलन जिले के कुमारहट्टी स्थित डगशाई स्कूल के स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है।
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने सोलन जिले के कुमारहट्टी स्थित डगशाई स्कूल के स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है। फोरलेन पर वाहनों की तेज गति और पैदल यात्रियों के लिए उचित मार्ग न होने के कारण बच्चों की जान पर बने खतरे को देखते हुए अदालत ने राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने यह आदेश बॉबी राणा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
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अदालत को सूचित किया गया कि कुमारहट्टी सड़क के दूसरी ओर स्थित डगशाई स्कूल वर्ष 1935 से संचालित हो रहा है और यह स्थानीय बच्चों की शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। सड़क के फोरलेन बनने के बाद बच्चों को रोज स्कूल आने-जाने के लिए इस व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग को पार करना पड़ता है। जनहित याचिका में दलील दी कि फ्लाईओवर के ठीक बाद सड़क पार करने की जगह है, जहां वाहन अत्यधिक तेज गति से गुजरते हैं।
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इसके अलावा वहां पैदल चलने वालों के लिए कोई सुरक्षित रास्ता या फुटपाथ नहीं है। याचिका के साथ प्रस्तुत की गई तस्वीरों के माध्यम से अदालत को बताया गया कि पहाड़ी क्षेत्र का हिस्सा और आरसीसी संरचना को सहारा देने वाली पत्थरों की रिटेनिंग वॉल काफी कमजोर स्थिति में हैं। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यहां एक पेडेस्ट्रियन ओवरब्रिज या फुटओवर ब्रिज का निर्माण अत्यधिक आवश्यक और व्यावहारिक है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने सभी पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।
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