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Hamirpur (Himachal) News: भाषा अध्यापक के लिए योग डिप्लोमा या डिग्रीधारक पात्र नहीं
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हमीरपुर। प्रारंभिक शिक्षा विभाग में अब भाषा अध्यापक के पद के लिए अब बैचलर इन योग एजुकेशन (बीवाईईएड) डिप्लोमा या डिग्री धारक पात्र नहीं होंगे। जिला प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर द्वारा शिक्षा निदेशालय से मांगे गए स्पष्टीकरण पर इन्हें भाषा अध्यापक के पद के लिए अपात्र बताया गया है। दरअसल हमीरपुर जिला प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय की ओर से वर्तमान में भूतपूर्व सैनिक कोटे से भाषा अध्यापकों के पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया चल रही है।
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने सामान्य वर्ग, अनुसूचित वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के एक-एक पद भरने के लिए पूर्व सैनिक कोटे के पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए थे। सामान्य वर्ग से कुल 44 आवेदन, अनुसूचित वर्ग से 7 और अन्य पिछड़ा वर्ग से 11 आवेदन प्राप्त हुए। इन पदों पर 6 सितंबर को साक्षात्कार और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई गई। इस दौरान कुछ ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन भी प्राप्त हुए जिन्होंने बेचलर इन योग एजुकेशन (बीवाईईएड) की पढ़ाई की हुई है जबकि नियमों के तहत भाषा अध्यापक के लिए बीएड, टेट और हिंदी विषय में स्नातक और स्नातकोत्तर अनिवार्य होता है। बीवाईईएड डिप्लोमा या डिग्री धारकों के आवेदन आने के बाद जिला प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय ने शिक्षा निदेशालय से इन पदों पर भर्ती के लिए क्लेरिफिकेशन मांगी थी, जिसका जवाब अब आ चुका है।
शिक्षा निदेशालय ने भाषा अध्यापक के पदों के लिए बीवाईईएड को अपात्र बताया है। इसके बाद उपनिदेशक कार्यालय से सभी अभ्यर्थियों की फाइल निदेशालय आगामी कार्रवाई के लिए भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक पूर्व में भाषा अध्यापकों के पदों पर बीवाईईएड धारकों की नियुक्तियां हो चुकी हैं तो अब सवाल उठ रहा है कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की क्लेरिफिकेशन आने के बाद पूर्व में हुई भर्तियां अमान्य मानी जाएंगी। इस पर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं, बेरोजगार भाषा अध्यापक पूर्व में हुई गलत भर्तियों को रद्द करने की मांग उठाने लगे हैं।
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प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि हमीरपुर में भाषा अध्यापक के तीन पदों पर पूर्व सैनिक कोटे से बैचवाइज भर्तियों के लिए साक्षात्कार और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। बैचलर इन योग एजुकेशन डिप्लोमा एवं डिग्री धारकों के संदर्भ में निदेशालय से क्लेरिफिकेशन मांगी गई थी, जिसमें इन्हें अपात्र बताया गया है।
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प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक ने सामान्य वर्ग, अनुसूचित वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के एक-एक पद भरने के लिए पूर्व सैनिक कोटे के पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए थे। सामान्य वर्ग से कुल 44 आवेदन, अनुसूचित वर्ग से 7 और अन्य पिछड़ा वर्ग से 11 आवेदन प्राप्त हुए। इन पदों पर 6 सितंबर को साक्षात्कार और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई गई। इस दौरान कुछ ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन भी प्राप्त हुए जिन्होंने बेचलर इन योग एजुकेशन (बीवाईईएड) की पढ़ाई की हुई है जबकि नियमों के तहत भाषा अध्यापक के लिए बीएड, टेट और हिंदी विषय में स्नातक और स्नातकोत्तर अनिवार्य होता है। बीवाईईएड डिप्लोमा या डिग्री धारकों के आवेदन आने के बाद जिला प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय ने शिक्षा निदेशालय से इन पदों पर भर्ती के लिए क्लेरिफिकेशन मांगी थी, जिसका जवाब अब आ चुका है।
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शिक्षा निदेशालय ने भाषा अध्यापक के पदों के लिए बीवाईईएड को अपात्र बताया है। इसके बाद उपनिदेशक कार्यालय से सभी अभ्यर्थियों की फाइल निदेशालय आगामी कार्रवाई के लिए भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक पूर्व में भाषा अध्यापकों के पदों पर बीवाईईएड धारकों की नियुक्तियां हो चुकी हैं तो अब सवाल उठ रहा है कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों की क्लेरिफिकेशन आने के बाद पूर्व में हुई भर्तियां अमान्य मानी जाएंगी। इस पर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं, बेरोजगार भाषा अध्यापक पूर्व में हुई गलत भर्तियों को रद्द करने की मांग उठाने लगे हैं।
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प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि हमीरपुर में भाषा अध्यापक के तीन पदों पर पूर्व सैनिक कोटे से बैचवाइज भर्तियों के लिए साक्षात्कार और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। बैचलर इन योग एजुकेशन डिप्लोमा एवं डिग्री धारकों के संदर्भ में निदेशालय से क्लेरिफिकेशन मांगी गई थी, जिसमें इन्हें अपात्र बताया गया है।