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Hamirpur (Himachal) News: मजदूरों ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन, कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी

Fri, 12 Jan 2024 12:29 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jan 2024 12:29 AM IST
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Workers protested against their demands and raised slogans against the company management.
धौलासिद्ध में प्रदर्शन करते हुए मजदूर(स्रोत:संवाद)
नादौन (हमीरपुर)। निर्माणाधीन धौलासिद्ध हाइडल प्रोजेक्ट में कार्यरत मजदूरों ने वीरवार को दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी है।। कंपनी और एसजेवीएन प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सीटू के राष्ट्रीय सचिव डाॅ. कश्मीर सिंह ठाकुर और हिमाचल भवन सड़क निर्माण मजदूर यूनियन के राज्य अध्यक्ष जोगिंद्र कुमार, परियोजना इकाई के महासचिव संतोष कुमार, इकाई अध्यक्ष नवीन ठाकुर ने संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में एकमात्र हाइडल प्रोजेक्ट में मजदूरों को न्यूनतम वेतन, सैलरी स्लिप, ओवरटाइम, बोनस, आवश्यक सुरक्षा उपकरण, सफाई व पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं की जा रही है।
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यह सुविधाएं श्रम कानून के तहत आती हैं और श्रम कानून का धड़ल्ले से मजाक उड़ाया जा रहा है। इससे पहले भी कंपनी में कार्यरत मजदूरों ने संगठित होकर आंदोलन किया था और श्रम कानून के तहत मिलने वाली सुविधाओं जैसे न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, हाजिरी कार्ड, सैलरी स्लिप, बोनस, छुट्टियों के लाभ, पेयजल की सुविधा, शेड, जूते, गम बूट और सेफ्टी किट जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर संघर्ष किया था और यूनियन कंपनी प्रबंधन और केंद्रीय श्रम अधिकारी के साथ चंडीगढ़ में संयुक्त रूप पर समझौता हुआ है जिसमें कंपनी प्रबंधन ने लिखित तौर पर दिया है कि वह श्रम कानून के दायरे में आने वाली सुविधाओं को मजदूरों को देंगे। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान जिन लोगों को काम से हटाया गया था, उन्हें कंपनी की ओर से काम पर दोबारा नहीं रखा जा रहा है और जो भी लोग प्रभावित हैं, जिनकी जमीन इस परियोजना में चली गई है, ऐसे प्रभावित लोगों को भी काम पर नहीं रखा जा रहा है।
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मजदूर ठेकेदारों के तहत रखे जा रहे हैं। उनको तो कानून के तहत मिलने वाले वेतन के आधे से भी कम वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सब ठेकेदारों, कंपनी प्रबंधन और एसजेवीएन प्रबंधन के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण हो रहा है। यहां मैस में एक तरफ कुछ मजदूरों से 2000 रुपये तक काटा जाता है और कुछ मजदूरों से 4500 रुपये काटा जाता है। सीटू ने इसका कड़ा विरोध किया है। निजी कंपनी प्रबंधन के इस मनवाने रवैये के खिलाफ हड़ताल में निर्माणाधीन परियोजना में कार्यरत सभी 500 से ज्यादा मजदूरों ने भाग लिया और चेतावनी दी कि अगर मजदूरों को केंद्रीय श्रम अधिकारी के साथ मध्यस्थता से हुए समझौते को अगर लागू नहीं किया जाता है तो आंदोलन और कड़ा किया जाएगा।
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