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Hamirpur (Himachal) News: बैठक नहीं हुई तो दुकानदारों ने खुद ही बढ़ा दिए खाने-पीने के दाम
Sun, 23 Aug 2026 01:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:12 AM IST
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हमीरपुर। खाने-पीने की वस्तुओं के अधिकतम दाम तय करने के लिए प्रशासन की ओर से करीब एक वर्ष से बैठक नहीं होने का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। दुकानदारों ने महंगाई और बढ़ती लागत का हवाला देते हुए खाद्य वस्तुओं के दाम अपने स्तर पर बढ़ा दिए हैं।
जिले में पहले 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये की हो गई है। 10 रुपये का समोसा 15 रुपये और 15 रुपये वाला समोसा 20 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह 50 रुपये में मिलने वाला सिड्डू 60 रुपये और 100 रुपये वाला सिड्डू 120 रुपये में बिक रहा है। पैकेज्ड खाना भी 60 रुपये के बजाय 80 रुपये में मिल रहा है।
दुकानदारों का तर्क है कि लागत बढ़ने के कारण पुराने निर्धारित दामों पर खाद्य सामग्री बेचना मुश्किल हो गया है। वहीं, बैठक न होने के कारण नई दरें तय नहीं हो पाई हैं। इससे दुकानदारों और उपभोक्ताओं के बीच कीमतों को लेकर असमंजस बना हुआ है।
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उपभोक्ताओं में संजीव कुमार, निर्मला देवी, राजकुमार, संजना शर्मा और अवंतिका आदि का कहना है कि प्रशासन की ओर से स्पष्ट दरें निर्धारित नहीं होने के कारण उन्हें कई वस्तुओं के लिए अधिक राशि चुकानी पड़ रही है।
उन्होंने प्रशासन से जल्द बैठक बुलाकर खाद्य पदार्थों के अधिकतम दाम तय करने की मांग की है, ताकि बाजार में एकरूपता बनी रहे और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
कोट :
मैं अभी छुट्टी पर हूं। छुट्टी समाप्त होने के बाद कार्यभार संभालने पर ही इस संबंध में अधिक जानकारी दी जा सकती है। अगर बैठक नहीं हुई है तो बैठक की जाएगी। -गंधर्वा राठौड़, उपायुक्त हमीरपुर
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जिले में पहले 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये की हो गई है। 10 रुपये का समोसा 15 रुपये और 15 रुपये वाला समोसा 20 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह 50 रुपये में मिलने वाला सिड्डू 60 रुपये और 100 रुपये वाला सिड्डू 120 रुपये में बिक रहा है। पैकेज्ड खाना भी 60 रुपये के बजाय 80 रुपये में मिल रहा है।
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दुकानदारों का तर्क है कि लागत बढ़ने के कारण पुराने निर्धारित दामों पर खाद्य सामग्री बेचना मुश्किल हो गया है। वहीं, बैठक न होने के कारण नई दरें तय नहीं हो पाई हैं। इससे दुकानदारों और उपभोक्ताओं के बीच कीमतों को लेकर असमंजस बना हुआ है।
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उपभोक्ताओं में संजीव कुमार, निर्मला देवी, राजकुमार, संजना शर्मा और अवंतिका आदि का कहना है कि प्रशासन की ओर से स्पष्ट दरें निर्धारित नहीं होने के कारण उन्हें कई वस्तुओं के लिए अधिक राशि चुकानी पड़ रही है।
उन्होंने प्रशासन से जल्द बैठक बुलाकर खाद्य पदार्थों के अधिकतम दाम तय करने की मांग की है, ताकि बाजार में एकरूपता बनी रहे और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
कोट :
मैं अभी छुट्टी पर हूं। छुट्टी समाप्त होने के बाद कार्यभार संभालने पर ही इस संबंध में अधिक जानकारी दी जा सकती है। अगर बैठक नहीं हुई है तो बैठक की जाएगी। -गंधर्वा राठौड़, उपायुक्त हमीरपुर