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Hamirpur (Himachal) News: जिले में 390 करोड़ से दूर होगी पानी की कमी
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हमीरपुर। जिले में पीने की पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और आने वाले कई वर्षों की जरूरत को पूरा करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2023-24 की योजना में लगभग 390 करोड़ रुपये की 10 नई पेयजल योजनाओं के शेल्फ मंजूरी के लिए प्रेषित किए जा रहे हैं।
वीरवार को उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में हुई जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक में इन 10 नए शेल्फों को अनुमोदित कर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत जिला में हर घर में नल लगाने का लगभग सौ फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। कई क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के स्रोतों का सुदृढ़ीकरण भी किया जा चुका है लेकिन कई क्षेत्रों में अभी भी जलस्रोतों के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी के मद्देनजर जलशक्ति विभाग ने जलस्रोतों के सुदृढ़ीकरण के लिए लगभग 390 करोड़ रुपये की 10 योजनाओं के शेल्फ प्रस्तावित किए हैं।
ब्यास और सतलुज नदी से प्रस्तावित की जा रही हैं योजनाएं
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला के लिए विभिन्न सुदृढ़ीकरण योजनाएं अब ब्यास नदी या सतलुज नदी से प्रस्तावित की जा रही हैं। इससे जिलावासियों को 12 माह पर्याप्त पेयजल मिलता रहेगा। उपायुक्त ने कहा कि जिला की विभिन्न खड्डों, नालों या अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों से चल रही पेयजल योजनाओं को भी चालू रखा जाएगा और इन जलस्रोतों का संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित किया जाएगा।
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उपायुक्त ने जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिला कोई भी घर पेयजल कनेक्शन के बगैर नहीं रहना चाहिए। इसके लिए वे खाद्य आपूर्ति विभाग के राशन कार्डधारकों के डाटा का भी विश्लेषण करें और उसके आधार पर भी आवश्यक कदम उठाएं। बैठक में जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नीरज भोगल ने जिला में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों और नई प्रस्तावित योजनाओं के संबंध में विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एडीसी जितेंद्र सांजटा, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी राजकुमार और जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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वीरवार को उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में हुई जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन (डीडब्ल्यूएसएम) की बैठक में इन 10 नए शेल्फों को अनुमोदित कर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत जिला में हर घर में नल लगाने का लगभग सौ फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। कई क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के स्रोतों का सुदृढ़ीकरण भी किया जा चुका है लेकिन कई क्षेत्रों में अभी भी जलस्रोतों के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी के मद्देनजर जलशक्ति विभाग ने जलस्रोतों के सुदृढ़ीकरण के लिए लगभग 390 करोड़ रुपये की 10 योजनाओं के शेल्फ प्रस्तावित किए हैं।
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ब्यास और सतलुज नदी से प्रस्तावित की जा रही हैं योजनाएं
उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिला के लिए विभिन्न सुदृढ़ीकरण योजनाएं अब ब्यास नदी या सतलुज नदी से प्रस्तावित की जा रही हैं। इससे जिलावासियों को 12 माह पर्याप्त पेयजल मिलता रहेगा। उपायुक्त ने कहा कि जिला की विभिन्न खड्डों, नालों या अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों से चल रही पेयजल योजनाओं को भी चालू रखा जाएगा और इन जलस्रोतों का संरक्षण एवं संवर्धन सुनिश्चित किया जाएगा।
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उपायुक्त ने जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि जिला कोई भी घर पेयजल कनेक्शन के बगैर नहीं रहना चाहिए। इसके लिए वे खाद्य आपूर्ति विभाग के राशन कार्डधारकों के डाटा का भी विश्लेषण करें और उसके आधार पर भी आवश्यक कदम उठाएं। बैठक में जलशक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता नीरज भोगल ने जिला में जल जीवन मिशन की उपलब्धियों और नई प्रस्तावित योजनाओं के संबंध में विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एडीसी जितेंद्र सांजटा, डीआरडीए के परियोजना अधिकारी राजकुमार और जिला पेयजल एवं स्वच्छता मिशन से संबंधित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।