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वतन सिंह ने तैयार किया चंदन के पेड़ों का बगीचा
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बागवान वतन सिंह की ओर से लगाए गए चंदन के पेड़।
- फोटो : Hamirpur-HP
बिझड़ी (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर में लोक निर्माण विभाग कॉलोनी के समीप रहने वाले वतन सिंह ने अपनी निजी भूमि पर चंदन के पेड़ों का बगीचा तैयार किया है। वर्तमान में उनके बगीचे में करीबन 100 चंदन के पेड़ लगे हैं। वतन सिंह को आने वाले समय में इससे अच्छी-खासी आय प्राप्त होने वाली है। उन्होंने वर्ष 2011 में अपनी खाली भूमि में चंदन के पौधे लगाए थे। वतन सिंह शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं।
उन्होंने बताया कि देश में सफेद चंदन 10,000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है। जबकि, विदेशों में इसकी कीमत 15 हजार से 20 हजार रुपये प्रति किलो है। एक पौधा करीब 15 से 20 किलो चंदन पैदा करता है। एक पौधे की कीमत दो लाख रुपये के करीब है। वहीं, 100 पेड़ों की कीमत करोड़ों रुपयों में हैं। वतन सिंह ने सैकड़ों पौधे लगाए थे। इनमें से 100 पौधे अच्छे विकास के साथ बढ़ रहे हैं। वतन सिंह ने कहा कि सरकार की तरफ से कोई विशेष प्रोत्साहन चंदन की खेती के लिए नहीं दिया जाता।
वन विभाग के साथ संपर्क करें तो वन विभाग के अधिकारियों का साफ कहना होता है कि यह बागवानी विभाग का पौधा है। बागवानी विभाग ही इसमें अमल कर सकता है। जब बागवानी विभाग से संपर्क साधते हैं तो वहां भी अधिकारी मौन साध लेते हैं। उन्होंने कहा कि जिला चंदन की खेती में तरक्की कर सकता है, अगर उद्यान विभाग चंदन की खेती को बढ़ावा दे। इससे आने वाले समय में परिवारों की आय लाखों रुपये हो सकती है, लेकिन प्रदेश सरकार का बागवानी विभाग तथा भारत सरकार का बागवानी विभाग इसमें अपना कोई अहम योगदान नहीं दे पा रहा। इस कार्य को करने में लाखों रुपये खर्च होते हैं। किसानों को प्रोत्साहित किया जाए तो इस क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।
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उन्होंने बताया कि देश में सफेद चंदन 10,000 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है। जबकि, विदेशों में इसकी कीमत 15 हजार से 20 हजार रुपये प्रति किलो है। एक पौधा करीब 15 से 20 किलो चंदन पैदा करता है। एक पौधे की कीमत दो लाख रुपये के करीब है। वहीं, 100 पेड़ों की कीमत करोड़ों रुपयों में हैं। वतन सिंह ने सैकड़ों पौधे लगाए थे। इनमें से 100 पौधे अच्छे विकास के साथ बढ़ रहे हैं। वतन सिंह ने कहा कि सरकार की तरफ से कोई विशेष प्रोत्साहन चंदन की खेती के लिए नहीं दिया जाता।
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वन विभाग के साथ संपर्क करें तो वन विभाग के अधिकारियों का साफ कहना होता है कि यह बागवानी विभाग का पौधा है। बागवानी विभाग ही इसमें अमल कर सकता है। जब बागवानी विभाग से संपर्क साधते हैं तो वहां भी अधिकारी मौन साध लेते हैं। उन्होंने कहा कि जिला चंदन की खेती में तरक्की कर सकता है, अगर उद्यान विभाग चंदन की खेती को बढ़ावा दे। इससे आने वाले समय में परिवारों की आय लाखों रुपये हो सकती है, लेकिन प्रदेश सरकार का बागवानी विभाग तथा भारत सरकार का बागवानी विभाग इसमें अपना कोई अहम योगदान नहीं दे पा रहा। इस कार्य को करने में लाखों रुपये खर्च होते हैं। किसानों को प्रोत्साहित किया जाए तो इस क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।
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