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स्टाफ नर्स आत्महत्या; वार्ड सिस्टर ने जमानत के लिए कोर्ट में दी अर्जी

Thu, 10 Oct 2019 11:30 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Oct 2019 11:30 PM IST
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ward sister file patition for bail
स्टाफ नर्स आत्महत्या मामले में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते कालेज के छात्र-छात्राएं और ? - फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर की स्टाफ नर्स की आत्महत्या के मामले में संस्थान की एक सीनियर वार्ड सिस्टर ने अग्रिम जमानत के लिए हमीरपुर न्यायालय में अर्जी दी है। जिस पर अभी तक कोर्ट से फैसला आना है। वहीं, पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से नाखुश मृतक के भाई विशाल कुमार और डिग्री कॉलेज हमीरपुर के विद्यार्थियों ने वीरवार को शहर में रोष रैली निकाली और इस दौरान पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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परिजनों का आरोप है कि घटना को एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक आरोपी लोगों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जिससे लोगों का खासकर पीड़ित परिवार का पुलिस से विश्वास कम हो रहा है। 3 अक्तूबर वीरवार को मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्स मोनिका अस्पताल में ड्यूटी के बाद बारल गांव स्थित अपने किराये के कमरे में पहुंची और पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली। मोनिका ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उसने अस्पताल के सीनियर स्टाफ पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। पुलिस इस मामले में दो दर्जन से अधिक सहयोगी स्टाफ नर्सों और वार्ड सिस्टर से पूछताछ कर चुकी है। लेकिन, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई। उधर, डीएसपी हेडक्वार्टर हितेश लखनपाल ने कहा कि पुलिस की जांच तेज गति से चल रही है। सुनने में आया है कि एक वार्ड सिस्टर ने अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है।
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विभागीय जांच भी शुरू : राकेश
इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के संयुक्त निदेशक राकेश शर्मा ने भी वीरवार को संस्थान के आधा दर्जन कर्मचारियों से स्टाफ नर्स की आत्महत्या के मामले में पूछताछ की है। उन्होंने कहा कि अभी तक जांच चल रही है, शीघ्र जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। इस मामले में किसी तरह का भेदभाव नहीं होगा तथा पीड़ित परिवार को पूरा न्याय मिलेगा।
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