{"_id":"686ec41e96422ebab709fdb5","slug":"vaccination-will-be-done-to-protect-animals-from-diphtheria-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-160667-2025-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: पशुओं को गलघोंटू से बचाने के लिए होगा टीकाकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: पशुओं को गलघोंटू से बचाने के लिए होगा टीकाकरण
Thu, 10 Jul 2025 01:03 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 10 Jul 2025 01:03 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं में फैलने वाले गलघोंटू रोग की रोकथाम को लेकर पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। रोग की रोकथाम के लिए पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।
विभाग ने जिले के सभी पशु अस्पतालों में गलघोंटू रोग से बचाव के लिए 58,200 वैक्सीन उपलब्ध करवा दी हैं। पशुपालक अपने नजदीकी अस्पताल से संपर्क कर पशुओं का निशुल्क टीकाकरण करवा सकते हैं।
गलघोंटू बीमारी पास्चुरेला मल्टोसीडा नामक जीवाणु से होती है, जो बरसात के मौसम में अधिक फैलती है। यह बीमारी जानलेवा हो सकती है। इसमें पशु को तेज बुखार, गले और छाती में सूजन, नाक से स्राव और सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके चलते दूध उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
विज्ञापन
पशुपालन विभाग हमीरपुर के सहायक निदेशक (परियोजना) डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि जिले को 58,200 वैक्सीन प्राप्त हुई थीं, जिन्हें सभी अस्पतालों तक भेज दिया गया है। उन्होंने पशुपालकों से आग्रह किया कि वे समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण कराएं ताकि बीमारी को रोका जा सके।
विज्ञापन
विभाग ने जिले के सभी पशु अस्पतालों में गलघोंटू रोग से बचाव के लिए 58,200 वैक्सीन उपलब्ध करवा दी हैं। पशुपालक अपने नजदीकी अस्पताल से संपर्क कर पशुओं का निशुल्क टीकाकरण करवा सकते हैं।
विज्ञापन
गलघोंटू बीमारी पास्चुरेला मल्टोसीडा नामक जीवाणु से होती है, जो बरसात के मौसम में अधिक फैलती है। यह बीमारी जानलेवा हो सकती है। इसमें पशु को तेज बुखार, गले और छाती में सूजन, नाक से स्राव और सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके चलते दूध उत्पादन पर भी असर पड़ता है।
विज्ञापन
पशुपालन विभाग हमीरपुर के सहायक निदेशक (परियोजना) डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि जिले को 58,200 वैक्सीन प्राप्त हुई थीं, जिन्हें सभी अस्पतालों तक भेज दिया गया है। उन्होंने पशुपालकों से आग्रह किया कि वे समय पर अपने पशुओं का टीकाकरण कराएं ताकि बीमारी को रोका जा सके।