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Hamirpur (Himachal) News: स्मार्ट मीटर पर घमासान, उपभोक्ता कल्याण मंच ने दी आंदोलन की चेतावनी
Sat, 29 Aug 2026 01:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 29 Aug 2026 01:30 AM IST
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सहमति के बिना मीटर लगाने का आरोप, न्यायालय जाने की भी दी चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। उपभोक्ता कल्याण मंच ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में बिजली बोर्ड के अधिकारियों पर उपभोक्ताओं के साथ कथित तौर पर जोर-जबरदस्ती करने के आरोप लगाए हैं।
मंच ने चेतावनी दी है कि उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी जारी रही तो प्रदेश स्तर पर बड़ा जन-आंदोलन शुरू करने के साथ न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
मीडिया को दिए बयान में मंच के मुख्य संरक्षक जेएम पठानिया, संयोजक कुलदीप सिंह खरवाड़ा, सह संयोजक सुरेश राठौर और महासचिव जेके धीमान ने आरोप लगाया कि बिजली बोर्ड लिमिटेड के अधिकारी उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बिना डिस्कनेक्शन आदेश के ही बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। मंच ने स्मार्ट मीटर की लागत और उपयोगिता पर भी सवाल उठाए।
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मंच के अनुसार, हिमाचल में करीब 29 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें करीब साढ़े 12 लाख उपभोक्ताओं के बिल 125 यूनिट मुफ्त बिजली के कारण शून्य आते हैं। ऐसे में करीब 9 से 10 हजार रुपये लागत वाले स्मार्ट मीटर लगाने का औचित्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।
मंच ने कहा कि मीटर बदलने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। उपभोक्ता कल्याण मंच ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया में बिजली बोर्ड के अधिकारियों पर उपभोक्ताओं के साथ कथित तौर पर जोर-जबरदस्ती करने के आरोप लगाए हैं।
मंच ने चेतावनी दी है कि उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी जारी रही तो प्रदेश स्तर पर बड़ा जन-आंदोलन शुरू करने के साथ न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
मीडिया को दिए बयान में मंच के मुख्य संरक्षक जेएम पठानिया, संयोजक कुलदीप सिंह खरवाड़ा, सह संयोजक सुरेश राठौर और महासचिव जेके धीमान ने आरोप लगाया कि बिजली बोर्ड लिमिटेड के अधिकारी उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बना रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में बिना डिस्कनेक्शन आदेश के ही बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। मंच ने स्मार्ट मीटर की लागत और उपयोगिता पर भी सवाल उठाए।
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मंच के अनुसार, हिमाचल में करीब 29 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें करीब साढ़े 12 लाख उपभोक्ताओं के बिल 125 यूनिट मुफ्त बिजली के कारण शून्य आते हैं। ऐसे में करीब 9 से 10 हजार रुपये लागत वाले स्मार्ट मीटर लगाने का औचित्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।
मंच ने कहा कि मीटर बदलने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।