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Hamirpur (Himachal) News: दाह संस्कार की आड़ लेकर जंगल में पेड़ों पर कुल्हाड़ी
Thu, 30 Oct 2025 01:25 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 30 Oct 2025 01:25 AM IST
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टिल्लू वन बीट में मलबे में दबाए गए काटे गए पेड़ों की टहनियां। जागरूक पाठक।
नादौन (हमीरपुर)। दाह संस्कार की आड़ में नादौन क्षेत्र में जंगल से पेड़ों का अवैध कटान धड़ल्ले से जारी है। शहर से सटे टिल्लू वन बीट क्षेत्र में हरियाली पर कुल्हाड़ी चलाने का यह नया तरीका विभाग की आंखों में धूल झोंककर अपनाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले फोरलेन निर्माण के दौरान बहुमूल्य चंदन और पुराने पेड़ों को सड़क किनारे कटान की आड़ में गिराया गया, अब दाह संस्कार के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आए हैं कि निधन के बाद दाह संस्कार के लिए अनुमति लेकर मोटे और पुराने खैर के पेड़ को काटा गया है। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो काटने वालों ने जेसीबी मशीन लगाकर पेड़ के बचे हिस्से को जड़ सहित उखाड़ दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
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ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से मांग की है कि इस गोरखधंधे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि वन विभाग को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि कटान के सबूतों को खत्म होने से पहले एकत्र किया जा सके। यदि यहां पर कार्रवाई में देरी होती है, तो कोई सुबूत नहीं मिलेगा।
ऐसे में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से विभाग को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देश देने की मांग की है।
कोट
यदि ऐसा किया जा रहा है, तो मामले में कार्रवाई की जाएगी। जल्द की मौके का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए जाएंगे।
-अंकित कुमार, डीएफओ हमीरपुर
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले फोरलेन निर्माण के दौरान बहुमूल्य चंदन और पुराने पेड़ों को सड़क किनारे कटान की आड़ में गिराया गया, अब दाह संस्कार के नाम पर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
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सूत्रों के अनुसार, हाल ही में क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आए हैं कि निधन के बाद दाह संस्कार के लिए अनुमति लेकर मोटे और पुराने खैर के पेड़ को काटा गया है। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो काटने वालों ने जेसीबी मशीन लगाकर पेड़ के बचे हिस्से को जड़ सहित उखाड़ दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।
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ग्रामीणों ने सरकार और वन विभाग से मांग की है कि इस गोरखधंधे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि वन विभाग को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि कटान के सबूतों को खत्म होने से पहले एकत्र किया जा सके। यदि यहां पर कार्रवाई में देरी होती है, तो कोई सुबूत नहीं मिलेगा।
ऐसे में वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को मामले में कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से विभाग को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के लिए निर्देश देने की मांग की है।
कोट
यदि ऐसा किया जा रहा है, तो मामले में कार्रवाई की जाएगी। जल्द की मौके का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए जाएंगे।
-अंकित कुमार, डीएफओ हमीरपुर

टिल्लू वन बीट में मलबे में दबाए गए काटे गए पेड़ों की टहनियां। जागरूक पाठक।