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जांच रिपोर्ट में दो सैंपल संदेह के घेरे में, पुन: जांच को हिसार भेजे
Sat, 01 Mar 2025 12:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 01 Mar 2025 12:28 AM IST
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हमीरपुर। पशुपालन विभाग हमीरपुर की ओर से जांच को भेजे गए 160 घोड़ों के रक्त के नमूनों की रिपोर्ट आ गई है। इनमें 158 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव है जबकि दो सैंपल संदेह के घेरे में है। इन्हें पुन: जांच को हिसार भेजा गया है। ये सैंपल दांदडू और भोरंज से भरे गए हैं। घोड़ों की ग्लैंडर्स बीमारी को लेकर पशुपालन विभाग सतर्क है। पशुपालन विभाग ने बीते दो माह में जिले से करीब 160 घोड़ों के रक्त के नमूने एकत्रित कर राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार भेजे थे। हिसार में रक्त के नमूनों की जांच हुई है। जांच रिपोर्ट मिल गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक दो सैंपलों को पुन: जांच के लिए भेजने को कहा गया था।
हालांकि हमीरपुर जिले में ग्लैंडर्स का कोई केस नहीं आया है लेकिन एहतियात के तौर पर पशुपालन विभाग की ओर से सैंपल लिए गए थे। गौरतलब है कि ग्लैंडर्स अश्व जाति के पशुओं में होने वाली सबसे खतरनाक संक्रामक बीमारी है। यह बीमारी ग्रस्त अश्व से मानव में फैल सकती है। ग्लैंडर्स बीमारी अश्व जाति के पशुओं में बर्क होल्डेरिया मैलाई जीवाणु से होती है। इस जीवाणु से अश्व के शरीर में दानेदार पीबयुक्त फोड़े-फुंसियां निकल आते हैं।
जिला से 160 सैंपल जांच को राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार भेजे थे। दो सैंपलों को पुन: भेजने को कहा गया था, जो भेज दिए हैं। जिला में अभी तक ग्लैंडर्स का कोई मामला नहीं आया है।
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-डॉ. सतीश वर्मा, सहायक निदेशक (परियोजना) पशुपालन विभाग हमीरपुर।
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हालांकि हमीरपुर जिले में ग्लैंडर्स का कोई केस नहीं आया है लेकिन एहतियात के तौर पर पशुपालन विभाग की ओर से सैंपल लिए गए थे। गौरतलब है कि ग्लैंडर्स अश्व जाति के पशुओं में होने वाली सबसे खतरनाक संक्रामक बीमारी है। यह बीमारी ग्रस्त अश्व से मानव में फैल सकती है। ग्लैंडर्स बीमारी अश्व जाति के पशुओं में बर्क होल्डेरिया मैलाई जीवाणु से होती है। इस जीवाणु से अश्व के शरीर में दानेदार पीबयुक्त फोड़े-फुंसियां निकल आते हैं।
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जिला से 160 सैंपल जांच को राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार भेजे थे। दो सैंपलों को पुन: भेजने को कहा गया था, जो भेज दिए हैं। जिला में अभी तक ग्लैंडर्स का कोई मामला नहीं आया है।
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-डॉ. सतीश वर्मा, सहायक निदेशक (परियोजना) पशुपालन विभाग हमीरपुर।