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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के दो और मामले आए
Sun, 12 Oct 2025 12:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 12 Oct 2025 12:55 AM IST
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हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में स्क्रब टायफस के मामले लगातार आ रहे हैं। बीते दिन मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के दो और मामले आए हैं।
मरीजों की स्क्रब टायफस की प्रारंभिक रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दो मामले आने के बाद मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के मामलों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। इससे पहले कॉलेज में स्क्रब टायफस के पांच मामले आए थे। इन मरीजों का उपचार कर इन्हें घर भेज दिया गया है। स्क्रब टायफस के बढ़ते मामलों पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन भी सतर्क हो गया है। स्क्रब टाइफस कृमि संक्रमण बीमारी है। यह बीमारी आरेंटिया सुटसुमुशी जीवाणु के कारण होती है। यह जीवाणु चिगार माइट नाम के कीट पर बढ़ती है़। यह कीट झाड़ियों व चूहे के शरीर पर बढ़ते है। पशुओं पर भी यह कीट पाए जाते हैं, जो मनुष्य के शरीर पर अगर काट लें, तो स्क्रब टाइफस की बीमारी फैलती है।
इससे मरीज के सिर में तेज दर्द, बुखार, शरीर दर्द और लाल रंग के काटने के निशान होना शामिल हैं। काटने वाली जगह पर गहरे रंग की पपड़ी एवं घाव हो जाता है। समय पर उपचार लेने पर व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता है। संवाद
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मरीजों की स्क्रब टायफस की प्रारंभिक रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दो मामले आने के बाद मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के मामलों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। इससे पहले कॉलेज में स्क्रब टायफस के पांच मामले आए थे। इन मरीजों का उपचार कर इन्हें घर भेज दिया गया है। स्क्रब टायफस के बढ़ते मामलों पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन भी सतर्क हो गया है। स्क्रब टाइफस कृमि संक्रमण बीमारी है। यह बीमारी आरेंटिया सुटसुमुशी जीवाणु के कारण होती है। यह जीवाणु चिगार माइट नाम के कीट पर बढ़ती है़। यह कीट झाड़ियों व चूहे के शरीर पर बढ़ते है। पशुओं पर भी यह कीट पाए जाते हैं, जो मनुष्य के शरीर पर अगर काट लें, तो स्क्रब टाइफस की बीमारी फैलती है।
इससे मरीज के सिर में तेज दर्द, बुखार, शरीर दर्द और लाल रंग के काटने के निशान होना शामिल हैं। काटने वाली जगह पर गहरे रंग की पपड़ी एवं घाव हो जाता है। समय पर उपचार लेने पर व्यक्ति पूरी तरह से स्वस्थ हो जाता है। संवाद
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