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Hamirpur (Himachal) News: प्रशिक्षु नर्सें बनेगी मरीजों और तीमारदारों की सारथी
Sat, 08 Nov 2025 01:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 08 Nov 2025 01:16 AM IST
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर पहुंचे मरीज का मार्गदर्शन करती प्रशिक्षु नर्सें। संवाद
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को इलाज के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। प्रशिक्षु नर्सें सारथी कार्यक्रम के तहत मरीजों और तीमारदारों का मार्गदर्शन करेंगी।
रोजाना दस प्रशिक्षु नर्सें मरीजों का सहयोग करेंगी। इसके तहत उन स्थानों पर अधिक ध्यान दिया गया है, जहां पर मरीजों की काफी भीड़ होती है। इनके द्वारा मरीजों और तीमारदारों को उचित मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे उनका समय बचेगा और उचित मार्गदर्शन से उनको काफी लाभ होगा। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोजाना 1000 से 1500 के करीब ओपीडी रहती है।
ओपीडी पर्ची काउंटर, गायनी सहित कई ओपीडी में काफी भीड़ रहती है। खासकर बुजुर्गों और पहली बार इलाज के लिए आए मरीजों को भटकना पड़ता है। उन्हें ज्ञात नहीं होता है कि कौन सी ओपीडी कहां पर है। अधिकतर समय उनका अन्य लोगों से पूछताछ में भी व्यतीत हो जाता है। इस समस्या के हल के लिए मेडिकल कॉलेज ने यह पहल की है।
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इस पहल के तहत प्रशिक्षु नर्सों की स्वेच्छा से सेवाएं ली जाएंगी। शुक्रवार से इस व्यवस्था को शुरू किया गया है। रोजाना दस नर्सें ओपीडी पर्ची, गायनी, ईएनटी, आपातकालीन वार्ड सहित अन्य स्थानों पर तैनात रहेंगी। अगले दिन अन्य दस नर्सें सेवाएं देंगी। इसका मरीजों को भी काफी फायदा होगा। मरीजों से फीडबैक भी ली जा रही है।
कोट
मरीजों और तीमारदारों के हर प्रकार के सहयोग के लिए प्रशिक्षु नर्सें आगे आई हैं। मरीजों को उचित सहयोग दिया जा रहा है। इससे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।
-डॉ. रमेश भारती, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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रोजाना दस प्रशिक्षु नर्सें मरीजों का सहयोग करेंगी। इसके तहत उन स्थानों पर अधिक ध्यान दिया गया है, जहां पर मरीजों की काफी भीड़ होती है। इनके द्वारा मरीजों और तीमारदारों को उचित मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे उनका समय बचेगा और उचित मार्गदर्शन से उनको काफी लाभ होगा। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोजाना 1000 से 1500 के करीब ओपीडी रहती है।
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ओपीडी पर्ची काउंटर, गायनी सहित कई ओपीडी में काफी भीड़ रहती है। खासकर बुजुर्गों और पहली बार इलाज के लिए आए मरीजों को भटकना पड़ता है। उन्हें ज्ञात नहीं होता है कि कौन सी ओपीडी कहां पर है। अधिकतर समय उनका अन्य लोगों से पूछताछ में भी व्यतीत हो जाता है। इस समस्या के हल के लिए मेडिकल कॉलेज ने यह पहल की है।
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इस पहल के तहत प्रशिक्षु नर्सों की स्वेच्छा से सेवाएं ली जाएंगी। शुक्रवार से इस व्यवस्था को शुरू किया गया है। रोजाना दस नर्सें ओपीडी पर्ची, गायनी, ईएनटी, आपातकालीन वार्ड सहित अन्य स्थानों पर तैनात रहेंगी। अगले दिन अन्य दस नर्सें सेवाएं देंगी। इसका मरीजों को भी काफी फायदा होगा। मरीजों से फीडबैक भी ली जा रही है।
कोट
मरीजों और तीमारदारों के हर प्रकार के सहयोग के लिए प्रशिक्षु नर्सें आगे आई हैं। मरीजों को उचित सहयोग दिया जा रहा है। इससे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।
-डॉ. रमेश भारती, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर