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प्रतिभागियों को नवाचार का महत्व बताया
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हमीरपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान हमीरपुर में तीन दिवसीय वार्षिक तकनीकी उत्सव निंबस आयोजित हुआ। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर के निदेशक प्रो. करुणेश कुमार शुक्ला इस समारोह के मुख्यातिथि रहे। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने समारोह की अध्यक्षता की। प्रो. अवस्थी ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए नवाचार के महत्व पर प्रकाश डाला। डीन (छात्र कल्याण) प्रो. आरके शर्मा ने छात्रों की प्रमुख परियोजनाओं और उपलब्धियों के बारे में बताया।
टीम ओजस ने अपने प्रोजेक्ट ब्लिंक के बारे में बताया। इसका उद्देश्य मोटर न्यूरॉन सिंड्रोम से पीड़ित लोगों को संवाद करने का एक तरीका प्रदान करना है। टीम विभव की परियोजना एनआईटीएच वर्चुअल रियलिटी ने संस्थान के सुंदर परिसर के बारे में बताया। टीम हर्मेटिका की स्थिर नमक रिएक्टर परियोजना का उद्देश्य पारंपरिक परमाणु विकल्पों की तुलना में कम लागत वाली ऊर्जा पैदा करना रहा। टीम मेटामॉर्फ द्वारा स्पिनोडल अपघटन का उद्देश्य दो अलग-अलग सामग्रियों के मिश्रण को अलग करना बताया। टीम ईएक्सई ने एनआईटीएच एप को लांच किया। टीम सी हेलिक्स और टीम मेडेक्स्ट्रस ने फायर फाइटिंग ह्यूमनॉइड तैयार किया। प्रत्येक विभाग ने प्रश्नोत्तरी, क्रिप्टोकरंसी, कार्यशालाएं और कई अन्य तारकीय घटनाओं का आयोजन किया। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण इसरो का आभासी (वर्चुअल) दौरा रहा। जिसने उनके कामकाज और मिशनों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कॉलेज के छात्र इनोवेशन चैलेंज के तहत अभिनव और अभूतपूर्व विचारों के साथ आए। इसरो टीम भी वास्तव में प्रतिभागियों के विचारों और उत्साह से प्रभावित दिखी और इनकी सराहना की।
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टीम ओजस ने अपने प्रोजेक्ट ब्लिंक के बारे में बताया। इसका उद्देश्य मोटर न्यूरॉन सिंड्रोम से पीड़ित लोगों को संवाद करने का एक तरीका प्रदान करना है। टीम विभव की परियोजना एनआईटीएच वर्चुअल रियलिटी ने संस्थान के सुंदर परिसर के बारे में बताया। टीम हर्मेटिका की स्थिर नमक रिएक्टर परियोजना का उद्देश्य पारंपरिक परमाणु विकल्पों की तुलना में कम लागत वाली ऊर्जा पैदा करना रहा। टीम मेटामॉर्फ द्वारा स्पिनोडल अपघटन का उद्देश्य दो अलग-अलग सामग्रियों के मिश्रण को अलग करना बताया। टीम ईएक्सई ने एनआईटीएच एप को लांच किया। टीम सी हेलिक्स और टीम मेडेक्स्ट्रस ने फायर फाइटिंग ह्यूमनॉइड तैयार किया। प्रत्येक विभाग ने प्रश्नोत्तरी, क्रिप्टोकरंसी, कार्यशालाएं और कई अन्य तारकीय घटनाओं का आयोजन किया। इस उत्सव का मुख्य आकर्षण इसरो का आभासी (वर्चुअल) दौरा रहा। जिसने उनके कामकाज और मिशनों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान कॉलेज के छात्र इनोवेशन चैलेंज के तहत अभिनव और अभूतपूर्व विचारों के साथ आए। इसरो टीम भी वास्तव में प्रतिभागियों के विचारों और उत्साह से प्रभावित दिखी और इनकी सराहना की।
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