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तीन मुख्यमंत्री कर चुके घोषणा, सुल्हाड़ी में नहीं खुला आयुष अस्पताल

Sun, 29 May 2022 10:36 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2022 10:36 PM IST
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Three Chief Ministers have announced, Ayush Hospital is not open in Sulhadi
सुल्हाड़ी में आयुर्वेदिक अस्पताल के लिए मरम्मत किया गया जंजघर और साथ में बनवाया शौचालय। - फोटो : Hamirpur-HP
सलौणी (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर की कुल्हेड़ा पंचायत के सुल्हाड़ी गांव में तीन मुख्यमंत्रियों की घोषणा के बावजूद आयुष अस्पताल नहीं खुल पाया है। घोषणाओं और आश्वासनों के लॉलीपॉप से क्षेत्रवासी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
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पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के कार्यकाल में सुल्हाड़ी में आयुर्वेदिक अस्पताल खोलने की घोषणा हुई थी, जो सिरे नहीं चढ़ी। 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी बिझड़ी जनसभा में सुल्हाड़ी में अस्पताल खोलने की मांग को मंजूर दी थी। लेकिन धरातल पर इसके लिए कोई काम नहीं हुआ। वर्तमान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी पिछले माह अपने बड़सर विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मंच से अस्पताल खोलने की घोषणा की थी। वो आश्वासन भी लॉलीपॉप बनकर रह गया।
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सुल्हाड़ी की बुजुर्ग महिला संध्या देवी ने 12 साल पहले दो कनाल भूमि आयुर्वेदिक विभाग के नाम दान की थी। लाखों रुपये की यह भूमि दान में मिलने पर भी सरकार और विभाग अस्पताल खुलवाने में नाकाम रहे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की घोषणा के बाद आयुर्वेदिक विभाग ने सुल्हाड़ी वासियों और संध्या देवी से डिस्पेंसरी खोलने के लिए यहां दो कमरे और शौचालय उपलब्ध करवाने को कहा। कुल्हेड़ा के उपप्रधान इंदरजीत सिंह ने विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के सहयोग और अपने पैसे खर्च करके सुल्हाड़ी जंजघर के दो कमरों को रिपेयर करवाई। उसके साथ वहां नए शौचालय का निर्माण करवाकर विभाग के सुपुर्द कर दिया, लेकिन आयुर्वेदिक विभाग ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की।
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इस अस्पताल के खुलने से क्षेत्र के लगभग एक दर्जन गांवों रूगोड़ी, सुल्हाड़ी, कठियाना, टेला, पुटल, सुन्हाणी, धमानी, करियाला, लाहड़ी, जंद्रोह, गोड़ी टिक्कर, टांगर, दंडवी आदि के हजारों ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। यहां के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए सात किलोमीटर दूर सलौणी या 10 किलोमीटर दूर बिझड़ी जाना पड़ता है। क्षेत्रवासियों में वार्ड सदस्य अजय कुमार, संध्या देवी, नीलम कुमारी राकेश कुमार ने कहा कि जमीन दान देकर तथा जंजघर मे कमरों की रिपेयर करवाकर ग्रामीण ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 15 दिन के अंदर सुल्हाड़ी में डिस्पेंसरी नहीं खुली तो वे लोग जिलाधीश कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस बारे में उपमंडलीय आयुर्वेदिक अधिकारी बड़सर डॉ. जगतार सिंह का कहना है कि सरकार और उच्चाधिकारियों से इस बारे निर्देश नहीं मिले हैं। जैसे ही नोटिफिकेशन आएगी तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. देशराज का कहना है कि कैबिनेट में सरकार की इस घोषणा पर अभी मोहर नहीं लगी है। जैसे ही कैबिनेट में प्रस्ताव पारित होगा सुल्हाड़ी में आयुर्वेदिक अस्पताल खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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