{"_id":"68fbdb5fae8e47174f0cf9b6","slug":"this-is-not-just-a-stretcher-it-is-proof-of-poor-health-system-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1005-171093-2025-10-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: यह सिर्फ स्ट्रेचर नहीं, लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का है सबूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: यह सिर्फ स्ट्रेचर नहीं, लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का है सबूत
Sat, 25 Oct 2025 08:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 25 Oct 2025 08:39 AM IST
विज्ञापन
एक्सरे के लिए स्ट्रेचर पर मरीज को निजी लैब ले जाते परिजन। संवाद
भोरंज (हमीरपुर)। नागरिक अस्पताल भोरंज में पिछले डेढ़ साल से एक्सरे मशीन खराब होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। यह केवल एक तकनीकी खराबी नहीं बल्कि स्ट्रेचर पर निजी लैब ले जाए जा रहे लाचार मरीज, व्यवस्था की टूटी हुई रीढ़ का चलता-फिरता सबूत बन गए हैं।
अस्पताल में प्रतिदिन करीब 450 की ओपीडी होती है, लेकिन 40 पंचायतों के लोगों को एक्सरे जैसी बुनियादी सुविधा के लिए 25 किलोमीटर दूर हमीरपुर या निजी संस्थानों तक का सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे जनता में गहरा रोष है। 2008 में लगी पुरानी मशीन उपयोग योग्य न रहने के कारण कंडम घोषित कर दी गई थी, लेकिन नई मशीन स्थापित करने में हो रही देरी से लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
व्यवस्था की लापरवाही का ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब बीते रोज झंडवीं गांव की 89 वर्षीय सत्या देवी को सिर में चोट लगने के बाद एक्सरे की जरूरत पड़ी। अस्पताल में सुविधा न होने के कारण परिजनों को उन्हें स्ट्रेचर पर बैठाकर निजी लैब ले जाना पड़ा। परिजन मीना देवी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि निजी लैब में एक्सरे के लिए चार लोगों की जरूरत थी, जिसके लिए उन्हें घर से अतिरिक्त लोगों को बुलाना पड़ा।
विज्ञापन
सुरेश सिंह, विनोद कुमार, राकेश, रणजीत सिंह, कपिल, दिनेश आदि ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी पुरानी सुविधा का बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि नागरिक अस्पताल भोरंज में जल्द से जल्द नई एक्सरे मशीन लगाई जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि यह सरकारी असंवेदनशीलता है कि एक 2008 में लगी मशीन को कंडम घोषित करने के बाद भी डेढ़ साल तक नई मशीन नहीं लगाई जा सकी है।
विज्ञापन
अस्पताल में प्रतिदिन करीब 450 की ओपीडी होती है, लेकिन 40 पंचायतों के लोगों को एक्सरे जैसी बुनियादी सुविधा के लिए 25 किलोमीटर दूर हमीरपुर या निजी संस्थानों तक का सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे जनता में गहरा रोष है। 2008 में लगी पुरानी मशीन उपयोग योग्य न रहने के कारण कंडम घोषित कर दी गई थी, लेकिन नई मशीन स्थापित करने में हो रही देरी से लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं।
विज्ञापन
व्यवस्था की लापरवाही का ताजा उदाहरण तब देखने को मिला जब बीते रोज झंडवीं गांव की 89 वर्षीय सत्या देवी को सिर में चोट लगने के बाद एक्सरे की जरूरत पड़ी। अस्पताल में सुविधा न होने के कारण परिजनों को उन्हें स्ट्रेचर पर बैठाकर निजी लैब ले जाना पड़ा। परिजन मीना देवी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि निजी लैब में एक्सरे के लिए चार लोगों की जरूरत थी, जिसके लिए उन्हें घर से अतिरिक्त लोगों को बुलाना पड़ा।
विज्ञापन
सुरेश सिंह, विनोद कुमार, राकेश, रणजीत सिंह, कपिल, दिनेश आदि ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी पुरानी सुविधा का बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि नागरिक अस्पताल भोरंज में जल्द से जल्द नई एक्सरे मशीन लगाई जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि यह सरकारी असंवेदनशीलता है कि एक 2008 में लगी मशीन को कंडम घोषित करने के बाद भी डेढ़ साल तक नई मशीन नहीं लगाई जा सकी है।