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Hamirpur (Himachal) News: दुकान पर कब्जा करने और मारपीट करने के विरोध में होगा प्रदर्शन
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बिझड़ी(हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध परिसर में 24 जुलाई आधी रात को गुंडा तत्वों द्वारा दुकानदार के परिवार पर किए गए जानलेवा हमले और दुकान पर कब्जा करने के बाद भी पीडि़त पक्ष को अभी तक न्याय नहीं मिला है। पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से संतुष्ट पीडि़त परिवार के मुखिया 62 वर्षीय कांता देवी पत्नी स्वर्गीय सुख लाल महाजन गांव चकमोह जिला हमीरपुर ने उपायुक्त एवं मंदिर आयुक्त हेमराज बैरवा को एक ज्ञापन सौंपा है। 13 अगस्त तक इस मामले में कार्रवाई न होने पर पीडि़त पक्ष ने ज्ञापन के माध्यम से गांधी चौक हमीरपुर में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
कांता देवी ने बताया कि उनके पति स्वर्गीय सुख लाल महाजन वर्ष 1972 से मंदिर परिसर के गेट नंबर पांच पर स्थित रोट प्रसाद की दुकान करते रहे हैं। लेकिन वर्ष 1999 में उनका देहांत हो गया। यह दुकान भगवान श्री कृष्ण के महंत शिव गिरीजी महाराज द्वारा बनाई गई थीं। और बाद में उनके पति को आवंटित की थी, जिस पर उन्होंने बिजली मीटर और पानी का कनेक्शन लिया था। लेकिन 24 जुलाई आधी रात को गुंडा तत्वों द्वारा उनके परिवार पर जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर घायल किया गया। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। जिससे नाराज होकर अब उनके पास धरने पर बैठने का ही विकल्प बचा है। इसलिए उन्हें जिला प्रशासन धरने की अनुमति प्रदान करे। उधर, उपायुक्त हमीरपुर हेमराज बैरवा ने कहा कि इस बारे पुलिस से बात कर मामले की जानकारी एकत्रित की जाएगी।
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कांता देवी ने बताया कि उनके पति स्वर्गीय सुख लाल महाजन वर्ष 1972 से मंदिर परिसर के गेट नंबर पांच पर स्थित रोट प्रसाद की दुकान करते रहे हैं। लेकिन वर्ष 1999 में उनका देहांत हो गया। यह दुकान भगवान श्री कृष्ण के महंत शिव गिरीजी महाराज द्वारा बनाई गई थीं। और बाद में उनके पति को आवंटित की थी, जिस पर उन्होंने बिजली मीटर और पानी का कनेक्शन लिया था। लेकिन 24 जुलाई आधी रात को गुंडा तत्वों द्वारा उनके परिवार पर जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर घायल किया गया। अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। जिससे नाराज होकर अब उनके पास धरने पर बैठने का ही विकल्प बचा है। इसलिए उन्हें जिला प्रशासन धरने की अनुमति प्रदान करे। उधर, उपायुक्त हमीरपुर हेमराज बैरवा ने कहा कि इस बारे पुलिस से बात कर मामले की जानकारी एकत्रित की जाएगी।
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