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Hamirpur (Himachal) News: अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में विद्यार्थियों में दिखा भारी उत्साह
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हमीरपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से संचालित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2023 का आयोजन रविवार को सुपर मैग्नेट पब्लिक स्कूल हमीरपुर में स्थापित परीक्षा केंद्र में किया गया। इसमें जिला हमीरपुर के अलावा मंडी, कांगड़ा और शिमला जिले से संबंध रखने वाले विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कक्षा नौवीं, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं से कुल 52 विद्यार्थियों ने अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा दी। परीक्षा प्रात:कालीन सत्र में 11 बजे से दोपहर 12: 30 बजे तक आयोजित हुई। अधिकतर बच्चे परीक्षा केंद्र में आधा घंटा पहले पहुंच गए थे।
परीक्षा के दौरान समय-समय पर निरीक्षण किया गया ताकि विद्यार्थियों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। परीक्षा में भाग लेने के लिए मंडी जिले के संधोल से आए तीन विद्यार्थी सुबह छह बजे ही घर से निकले, ताकि इस महत्वपूर्ण परीक्षा में बैठ सकें। वहीं, जिला कांगड़ा से भी विद्यार्थी परीक्षा के लिए पहुंचे। परीक्षा देने के लिए विद्यार्थी काफी उत्साहित दिखे व परीक्षा दी। सुपर मैग्नेट पब्लिक स्कूल हमीरपुर के प्रबंध निदेशक इंजीनियर शगुन दत्त शर्मा ने परीक्षा से पूर्व सभी परीक्षार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व और प्रतियोगी परीक्षाओं में किस तरह भाग लेना है, इसकी जानकारी दी।
बाक्स:
क्या कहते हैं विद्यार्थी
परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को आराम से पढ़ा तथा बाद में हल किया। ऐसी परीक्षाओं से मनोबल बढ़ता है। आगे बढ़ने का यह अच्छा मौका है। वहीं भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का भी पता चल गया।
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कनिका, कक्षा ग्याहरवीं।
दो माह पूर्व छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। स्कूल के साथ घर पर भी छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए तैयारी की थी। इसके चलते परीक्षा अच्छी हुई। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई।
-अंजलि शर्मा, कक्षा ग्याहरवीं।
परीक्षा के लिए अध्यापकों ने भी तैयारी करवाई ताकि परीक्षा अच्छी हो। परीक्षा में सामान्य ज्ञान, गणित, विज्ञान और इतिहास के आसान प्रश्न पूछे गए थे। परीक्षा से उनका भी रिवीजन हो गया तथा कौन से विषय को और अच्छे से पढ़ना है यह भी पता लग गया।
- सूर्यांशी ठाकुर, कक्षा दसवीं
परीक्षा से पंद्रह मिनट पहले शिक्षकों ने परीक्षा हॉल में बैठा दिया। ओएमआर शीट भरने के लिए काफी सहायता की। इससे परीक्षा समय पर पूरी हो गई। परीक्षा में जिन प्रश्नों के उत्तर आते थे उन्हें पहले हल किया गया तथा अंत में गणित वाला सेक्शन हल किया।
अंतराक्षी, कक्षा नौवीं
परीक्षा में गणित के प्रश्नों को हल करने के लिए समय लगा।लेकिन प्रश्नपत्र में वहीं आया था जो हम स्कूल में अपनी परीक्षाओं के लिए पढ़ते हैं। ऐसे में परीक्षा अच्छी हुई। पहली बार ओएमआर शीट के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर दिए।
-शशांक शर्मा, कक्षा दसवीं
परीक्षा में 100 प्रश्न पूछे गए थे। इनमें से 90 प्रश्न ही हल कर पाए। 10 प्रश्नों के उत्तर न आने के कारण उन्हें हल नहीं कर पाए। अन्य प्रश्नों के हल आराम से कर लिए। अमर उजाला फाउंडेशन की यह पहल सराहनीय है।
- अभिषेक, कक्षा ग्याहरवीं।
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परीक्षा के दौरान समय-समय पर निरीक्षण किया गया ताकि विद्यार्थियों को किसी भी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े। परीक्षा में भाग लेने के लिए मंडी जिले के संधोल से आए तीन विद्यार्थी सुबह छह बजे ही घर से निकले, ताकि इस महत्वपूर्ण परीक्षा में बैठ सकें। वहीं, जिला कांगड़ा से भी विद्यार्थी परीक्षा के लिए पहुंचे। परीक्षा देने के लिए विद्यार्थी काफी उत्साहित दिखे व परीक्षा दी। सुपर मैग्नेट पब्लिक स्कूल हमीरपुर के प्रबंध निदेशक इंजीनियर शगुन दत्त शर्मा ने परीक्षा से पूर्व सभी परीक्षार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए विद्यार्थी जीवन में समय का महत्व और प्रतियोगी परीक्षाओं में किस तरह भाग लेना है, इसकी जानकारी दी।
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क्या कहते हैं विद्यार्थी
परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को आराम से पढ़ा तथा बाद में हल किया। ऐसी परीक्षाओं से मनोबल बढ़ता है। आगे बढ़ने का यह अच्छा मौका है। वहीं भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का भी पता चल गया।
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कनिका, कक्षा ग्याहरवीं।
दो माह पूर्व छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था। स्कूल के साथ घर पर भी छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए तैयारी की थी। इसके चलते परीक्षा अच्छी हुई। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई।
-अंजलि शर्मा, कक्षा ग्याहरवीं।
परीक्षा के लिए अध्यापकों ने भी तैयारी करवाई ताकि परीक्षा अच्छी हो। परीक्षा में सामान्य ज्ञान, गणित, विज्ञान और इतिहास के आसान प्रश्न पूछे गए थे। परीक्षा से उनका भी रिवीजन हो गया तथा कौन से विषय को और अच्छे से पढ़ना है यह भी पता लग गया।
- सूर्यांशी ठाकुर, कक्षा दसवीं
परीक्षा से पंद्रह मिनट पहले शिक्षकों ने परीक्षा हॉल में बैठा दिया। ओएमआर शीट भरने के लिए काफी सहायता की। इससे परीक्षा समय पर पूरी हो गई। परीक्षा में जिन प्रश्नों के उत्तर आते थे उन्हें पहले हल किया गया तथा अंत में गणित वाला सेक्शन हल किया।
अंतराक्षी, कक्षा नौवीं
परीक्षा में गणित के प्रश्नों को हल करने के लिए समय लगा।लेकिन प्रश्नपत्र में वहीं आया था जो हम स्कूल में अपनी परीक्षाओं के लिए पढ़ते हैं। ऐसे में परीक्षा अच्छी हुई। पहली बार ओएमआर शीट के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर दिए।
-शशांक शर्मा, कक्षा दसवीं
परीक्षा में 100 प्रश्न पूछे गए थे। इनमें से 90 प्रश्न ही हल कर पाए। 10 प्रश्नों के उत्तर न आने के कारण उन्हें हल नहीं कर पाए। अन्य प्रश्नों के हल आराम से कर लिए। अमर उजाला फाउंडेशन की यह पहल सराहनीय है।
- अभिषेक, कक्षा ग्याहरवीं।