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Hamirpur (Himachal) News: नादौन अस्पताल में नहीं है ऑर्थो विशेषज्ञ, हड्डी के रोगियों का बढ़ रहा दर्द
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मरीजों को करना पड़ रहा हमीरपुर की ओर रुख
बुजुर्ग मरीजों को होती है सबसे अधिक परेशानी, अस्पताल की रोजाना की ओपीडी है 300
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल नादौन में ऑर्थो विशेषज्ञ न होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से यहां पर कोई भी ऑर्थो विशेषज्ञ नहीं है। हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को या तो कांगड़ा या हमीरपुर की ओर रुख करना पड़ता है। इससे उन्हें खासी दिक्कत होती है और आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। बुजुर्ग मरीजों को तो सबसे अधिक दिक्कत होती है। नादौन से हमीरपुर की दूरी 30 किलोमीटर है। ऐसे में इतनी दूर पहुंचने में मरीजों को एक घंटा लग जाता है। वहीं, आपातकाल में आए मरीजों को भी यहां तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। जबकि, नादौन सिविल अस्पताल में ऊना और कांगड़ा के मरीज भी आ जाते हैं। अस्पताल में कोई भी ऑर्थो चिकित्सक नहीं है। मरीजों दिनेश, नरेश, प्रवीन, संतोष, त्रिलोक आदि ने कहा कि यहां पर ऑर्थो चिकित्सक न होने से परेशानी होती है। अस्पताल की रोजाना की ओपीडी 300 के करीब है। ऐसे में अस्पताल में ऑर्थो चिकित्सक की नियुक्ति होनी चाहिए। इस बारे में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके ने कहा कि समस्या का हल कर दिया जाएगा।
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बुजुर्ग मरीजों को होती है सबसे अधिक परेशानी, अस्पताल की रोजाना की ओपीडी है 300
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन (हमीरपुर)। सिविल अस्पताल नादौन में ऑर्थो विशेषज्ञ न होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय से यहां पर कोई भी ऑर्थो विशेषज्ञ नहीं है। हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को या तो कांगड़ा या हमीरपुर की ओर रुख करना पड़ता है। इससे उन्हें खासी दिक्कत होती है और आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। बुजुर्ग मरीजों को तो सबसे अधिक दिक्कत होती है। नादौन से हमीरपुर की दूरी 30 किलोमीटर है। ऐसे में इतनी दूर पहुंचने में मरीजों को एक घंटा लग जाता है। वहीं, आपातकाल में आए मरीजों को भी यहां तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। जबकि, नादौन सिविल अस्पताल में ऊना और कांगड़ा के मरीज भी आ जाते हैं। अस्पताल में कोई भी ऑर्थो चिकित्सक नहीं है। मरीजों दिनेश, नरेश, प्रवीन, संतोष, त्रिलोक आदि ने कहा कि यहां पर ऑर्थो चिकित्सक न होने से परेशानी होती है। अस्पताल की रोजाना की ओपीडी 300 के करीब है। ऐसे में अस्पताल में ऑर्थो चिकित्सक की नियुक्ति होनी चाहिए। इस बारे में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके ने कहा कि समस्या का हल कर दिया जाएगा।