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Hamirpur (Himachal) News: बड़सर में नहीं है स्नातकोत्तर करने की सुविधा
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बड़सर महाविद्यालय आज तक नहीं बना पीजी कॉलेज
विधानसभा के विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर करने के लिए आना पड़ता है हमीरपुर
पीजी की कक्षाएं न होने के कारण विद्यार्थियों की संख्या में भी हो रही कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर (हमीरपुर)। सरकारी कॉलेज बड़सर आज तक स्नातकोत्तर महाविद्यालय नहीं बन पाया है। 2017 में महाविद्यालय का दर्जा बढ़ाकर इसे स्नातकोत्तर करने की घोषणा की गई और यहां पर इतिहास, हिंदी और एम कॉम शुरू करने घोषणा की। सात वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद अभी तक इन आदेशों को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को पीजी करने के लिए हमीरपुर व अन्य जगहों का रुख करना पड़ता है। वहीं, बड़सर महाविद्यालय को शुरू हुए करीब 15 साल से अधिक का समय हो चुका है लेकिन अभी तक कोई महत्वपूर्ण बदलाव महाविद्यालय में देखने को नहीं मिला है।
कक्षाएं शुरू न होने से बड़सर क्षेत्र के लोगों में रोष है। लोगों चमन, प्रकाश चंद, कुलदीप आदि ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़सर विधानसभा के छात्रों को अन्य कॉलेजों का रुख करना पड़ता है। इससे बड़सर महाविद्यालय में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या घट रही है। नए कोर्स न आने की वजह से छात्र अन्य कॉलेजों का रुख कर रहे हैं। वर्तमान में कॉलेज में 800 के लगभग विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कॉलेज के प्राचार्य राकेश कुमार ने कहा कि इस संदर्भ में सरकार को लिखकर जानकारी दी गई है और सरकार ही अंतिम निर्णय कर सकती है।
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विधानसभा के विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर करने के लिए आना पड़ता है हमीरपुर
पीजी की कक्षाएं न होने के कारण विद्यार्थियों की संख्या में भी हो रही कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर (हमीरपुर)। सरकारी कॉलेज बड़सर आज तक स्नातकोत्तर महाविद्यालय नहीं बन पाया है। 2017 में महाविद्यालय का दर्जा बढ़ाकर इसे स्नातकोत्तर करने की घोषणा की गई और यहां पर इतिहास, हिंदी और एम कॉम शुरू करने घोषणा की। सात वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद अभी तक इन आदेशों को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को पीजी करने के लिए हमीरपुर व अन्य जगहों का रुख करना पड़ता है। वहीं, बड़सर महाविद्यालय को शुरू हुए करीब 15 साल से अधिक का समय हो चुका है लेकिन अभी तक कोई महत्वपूर्ण बदलाव महाविद्यालय में देखने को नहीं मिला है।
कक्षाएं शुरू न होने से बड़सर क्षेत्र के लोगों में रोष है। लोगों चमन, प्रकाश चंद, कुलदीप आदि ने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बड़सर विधानसभा के छात्रों को अन्य कॉलेजों का रुख करना पड़ता है। इससे बड़सर महाविद्यालय में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या घट रही है। नए कोर्स न आने की वजह से छात्र अन्य कॉलेजों का रुख कर रहे हैं। वर्तमान में कॉलेज में 800 के लगभग विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। कॉलेज के प्राचार्य राकेश कुमार ने कहा कि इस संदर्भ में सरकार को लिखकर जानकारी दी गई है और सरकार ही अंतिम निर्णय कर सकती है।
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