{"_id":"60f9b4568ebc3e394a4be759","slug":"there-is-a-wave-of-happiness-among-the-students-and-parents-due-to-the-decision-to-open-the-school-thermal-screening-following-social-distance-rules-and-vaccination-are-necessary-hamirpur-hp-news-sml377794739","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल खोलने के निर्णय से विद्यार्थी और अभिभावकों में खुशी की लहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल खोलने के निर्णय से विद्यार्थी और अभिभावकों में खुशी की लहर
विज्ञापन
हमीरपुर। प्रदेशभर में कक्षा दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं कक्षाओं के लिए स्कूल खुलने के निर्णय से जिला के विद्यार्थियों और अभिभावकों में खुशी की लहर है। साथ में अभिभावकों ने रोजाना नियमित रूप से स्कूल गेट पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर शिक्षक स्टाफ के लिए थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन की सुविधा की मांग भी की है ताकि संक्रमित को स्कूल गेट से ही घर भेजा जा सके और शेष लोग संक्रमित होने से बच सकें। इसके साथ ही स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों की वैक्सीनेशन की भी मांग उठाई है।
अभिभावकों का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाओं के कारण विद्यार्थी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनकी आंखों की रोशनी को भी नुकसान पहुंच रहा है। ऑनलाइन कक्षाओं में विद्यार्थी उतना नहीं सीख पाते हैं, जितना स्कूल में जाकर सीखते हैं। अध्यापकों से सीधा संवाद होने के कारण विद्यार्थी अधिक सीखता है। मोबाइल पर विद्यार्थी कई बार गेम्स खेलने में ही लगे रहते हैं जबकि अभिभावकों को लगता है कि उनके बच्चे पढ़ रहे हैं। अभिभावकों ने यह भी कहा कि स्कूलों में कोरोना एसओपी का पालन सख्ती से होना चाहिए।
घर में बैठ नहीं हो पाती पढ़ाई : अप्सरा
छात्रा अप्सरा ने कहा कि घर पर बैठ पढ़ाई नहीं हो पाती है, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के लिए स्कूल क्लास के लिए उचित इंतजाम किए जाने चाहिए ताकि कोई भी संक्रमित न हो व पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके।
विज्ञापन
बोर्ड कक्षा के लिए ऑफलाइन पढ़ाई ही प्रभावी: आर्यन
छात्र आर्यन शर्मा ने कहा कि बोर्ड की कक्षा होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई की बजाय ऑफलाइन पढ़ाई प्रभावी है। अब स्कूल खुल रहे हैं, जिससे नियमित रूप से हर रोज कुछ न कुछ नया सीखने को मिलेगा। कोरोना नियमों का पालन कर स्कूल खोलने का निर्णय उचित है।
ऑनलाइन से विद्यार्थियों को हुआ नुकसान: अधिमन
छात्र अधिमन जगोता का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाओं के कारण विद्यार्थियों को काफी नुकसान हुआ है। कक्षा में बैठकर विद्यार्थी प्रभावी तरीके से पढ़ाई कर सकता है। वार्षिक परीक्षाएं न होने के कारण भी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
सरकार का स्कूल खोलने का निर्णय उचित : मुनीष
अभिभावक मुनीष शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का स्कूल खोलने का निर्णय उचित हैं। क्योंकि लंबे समय से बच्चे स्कूल नहीं गए हैं। जिस कारण पढ़ाई काफी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि जो बच्चा स्कूल में सीखता है वह सब कुछ घर में रहकर नहीं सीखा जा सकता है।
विद्यार्थियों व अध्यापकों को वैक्सीन लगाना जरूरी : नीलम
अभिभावक नीलम वर्मा ने कहा कि स्कूल खोलने के निर्णय से सहमत हैं लेकिन इससे पूर्व सभी विद्यार्थियों व अध्यापकों को वैक्सीन लगाना जरूरी है। क्योंकि तभी बच्चे व अध्यापक सुरक्षित हो सकेंगे व अभिभावक निश्ंिचत होकर अपने बच्चे को स्कूल भेज सकते हैं।
स्कूल परिसर में प्रवेश से पूर्व हो थर्मल स्क्रीनिंग : ठाकुर
अभिभावक सुमित ठाकुर ने कहा कि स्कूल खोलने का निर्णय सराहनीय है। लेकिन स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों के प्रवेश से पूर्व मुख्य गेट पर रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग होनी चाहिए। अगर कोई अस्वस्थ है तो उसे गेट से ही वापस घर भेज देना चाहिए। स्कूलों की नियमित सैनिटाइजेशन हो। सामाजिक दूरी नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।
सभी स्कूल प्रमुखों को एसओपी का पालन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बच्चों की कक्षाएं शुरू होने से पूर्व स्कूल परिसर व भवन की सैनिटाइजेशन होगी। सभी स्कूल प्रमुखों को विद्यार्थियों और खुद की सुरक्षा के बारे में निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए कक्षाएं शुरू होंगी।
-दिलबरजीत चंद्र, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर।
जिला में 757 सरकारी स्कूल
जिला हमीरपुर में 757 सरकारी स्कूल हैं। जिसमें 95 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं, 66 उच्च पाठशालाएं, 116 मिडल स्कूल और 480 प्राइमरी स्कूल हैं। इसके अलावा निजी सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों की संख्या 140 है।
विज्ञापन
अभिभावकों का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाओं के कारण विद्यार्थी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनकी आंखों की रोशनी को भी नुकसान पहुंच रहा है। ऑनलाइन कक्षाओं में विद्यार्थी उतना नहीं सीख पाते हैं, जितना स्कूल में जाकर सीखते हैं। अध्यापकों से सीधा संवाद होने के कारण विद्यार्थी अधिक सीखता है। मोबाइल पर विद्यार्थी कई बार गेम्स खेलने में ही लगे रहते हैं जबकि अभिभावकों को लगता है कि उनके बच्चे पढ़ रहे हैं। अभिभावकों ने यह भी कहा कि स्कूलों में कोरोना एसओपी का पालन सख्ती से होना चाहिए।
विज्ञापन
घर में बैठ नहीं हो पाती पढ़ाई : अप्सरा
छात्रा अप्सरा ने कहा कि घर पर बैठ पढ़ाई नहीं हो पाती है, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों के लिए स्कूल क्लास के लिए उचित इंतजाम किए जाने चाहिए ताकि कोई भी संक्रमित न हो व पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके।
विज्ञापन
बोर्ड कक्षा के लिए ऑफलाइन पढ़ाई ही प्रभावी: आर्यन
छात्र आर्यन शर्मा ने कहा कि बोर्ड की कक्षा होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई की बजाय ऑफलाइन पढ़ाई प्रभावी है। अब स्कूल खुल रहे हैं, जिससे नियमित रूप से हर रोज कुछ न कुछ नया सीखने को मिलेगा। कोरोना नियमों का पालन कर स्कूल खोलने का निर्णय उचित है।
ऑनलाइन से विद्यार्थियों को हुआ नुकसान: अधिमन
छात्र अधिमन जगोता का कहना है कि ऑनलाइन कक्षाओं के कारण विद्यार्थियों को काफी नुकसान हुआ है। कक्षा में बैठकर विद्यार्थी प्रभावी तरीके से पढ़ाई कर सकता है। वार्षिक परीक्षाएं न होने के कारण भी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
सरकार का स्कूल खोलने का निर्णय उचित : मुनीष
अभिभावक मुनीष शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार का स्कूल खोलने का निर्णय उचित हैं। क्योंकि लंबे समय से बच्चे स्कूल नहीं गए हैं। जिस कारण पढ़ाई काफी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि जो बच्चा स्कूल में सीखता है वह सब कुछ घर में रहकर नहीं सीखा जा सकता है।
विद्यार्थियों व अध्यापकों को वैक्सीन लगाना जरूरी : नीलम
अभिभावक नीलम वर्मा ने कहा कि स्कूल खोलने के निर्णय से सहमत हैं लेकिन इससे पूर्व सभी विद्यार्थियों व अध्यापकों को वैक्सीन लगाना जरूरी है। क्योंकि तभी बच्चे व अध्यापक सुरक्षित हो सकेंगे व अभिभावक निश्ंिचत होकर अपने बच्चे को स्कूल भेज सकते हैं।
स्कूल परिसर में प्रवेश से पूर्व हो थर्मल स्क्रीनिंग : ठाकुर
अभिभावक सुमित ठाकुर ने कहा कि स्कूल खोलने का निर्णय सराहनीय है। लेकिन स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों के प्रवेश से पूर्व मुख्य गेट पर रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग होनी चाहिए। अगर कोई अस्वस्थ है तो उसे गेट से ही वापस घर भेज देना चाहिए। स्कूलों की नियमित सैनिटाइजेशन हो। सामाजिक दूरी नियमों का कड़ाई से पालन होना चाहिए।
सभी स्कूल प्रमुखों को एसओपी का पालन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। बच्चों की कक्षाएं शुरू होने से पूर्व स्कूल परिसर व भवन की सैनिटाइजेशन होगी। सभी स्कूल प्रमुखों को विद्यार्थियों और खुद की सुरक्षा के बारे में निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए कक्षाएं शुरू होंगी।
-दिलबरजीत चंद्र, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर।
जिला में 757 सरकारी स्कूल
जिला हमीरपुर में 757 सरकारी स्कूल हैं। जिसमें 95 वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं, 66 उच्च पाठशालाएं, 116 मिडल स्कूल और 480 प्राइमरी स्कूल हैं। इसके अलावा निजी सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों की संख्या 140 है।