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Hamirpur (Himachal) News: प्रशासन की चौखट पर ही व्यवस्था पानी-पानी
Thu, 27 Aug 2026 01:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 27 Aug 2026 01:07 AM IST
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मिनी सचिवालय हमीरपुर के गेट पास भरा जमा बारिश का पानी। संवाद।
- फोटो : 1
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हमीरपुर। जिला प्रशासन का तंत्र चलाने वाले मिनी सचिवालय परिसर की बदहाली इन दिनों प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। बारिश होते ही मुख्य गेट से परिसर तक पानी और कीचड़ जमा हो जाता है।
एक साल से अधिक समय से निर्माणाधीन मुख्य गेट के सामने उखड़ा रास्ता और गड्ढे लोगों की आवाजाही मुश्किल बना रहे हैं। मुख्य गेट की छत का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन बारिश होते ही नीचे कीचड़ फैल जाता है।
एक्साइज विभाग और हमीर भवन के सामने पानी तालाब का रूप ले लेता है, जबकि डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने बना बड़ा गड्ढा भी जलभराव का कारण बन रहा है।
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खास बात यह है कि इसी गेट से उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी रोजाना कार्यालय पहुंचते हैं। हर दिन सैकड़ों लोग भी अपने काम से मिनी सचिवालय आते हैं, लेकिन समस्या के समाधान की ओर प्रशासन और संबंधित विभाग का ध्यान नहीं है।
द्वितीय चरण के भूमि पूजन के सिरे चढ़ने पर सवाल
परिसर के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण के दूसरे चरण का इस वर्ष 15 अप्रैल को विधायक सुरेश कुमार और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू की मौजूदगी में भूमिपूजन हुआ था। हालांकि, अब नए सिरे से सचिवालय निर्माण की चर्चाओं के बीच इस योजना के सिरे चढ़ने पर संशय बना हुआ है। भूमिपूजन को चार माह बीत चुके हैं, लेकिन दूसरे चरण का काम शुरू नहीं हो पाया है। दूसरे चरण के सौंदर्यीकरण पर करीब 70 लाख रुपये खर्च होने हैं। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, दूसरे चरण के लिए अभी प्रशासन की ओर से बजट जारी नहीं हुआ है।
सौंदर्यीकरण हुआ, लेकिन प्रवेश द्वार बदरंग
मुख्य गेट के निर्माण पर करीब 18 लाख रुपये खर्च प्रस्तावित है, लेकिन एक वर्ष बाद भी यह बदरंग है। पिछले चरण में परिसर में पार्क, बैडमिंटन कोर्ट और ओपन एयर जिम जैसी सुविधाएं विकसित की गईं। उद्देश्य परिसर को सुविधाजनक और आम लोगों के लिए बेहतर बनाना था। नई सुविधाएं तो समय रहते जुटा ली गईं, लेकिन मुख्यद्वार का निर्माण एक वर्ष बाद भी अधर में है, जो कि प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
कोट
बरसात के कारण कार्य में देरी हुई है। जल्द ही गेट निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। दूसरे चरण के लिए बजट मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। - दीपक कपिल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, हमीरपुर
समस्या ध्यान में है। जल्द ही गेट का निर्माण कार्य पूरा करवा दिया जाएगा। -गंधर्वा राठौड़, डीसी, हमीरपुर
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एक साल से अधिक समय से निर्माणाधीन मुख्य गेट के सामने उखड़ा रास्ता और गड्ढे लोगों की आवाजाही मुश्किल बना रहे हैं। मुख्य गेट की छत का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन बारिश होते ही नीचे कीचड़ फैल जाता है।
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एक्साइज विभाग और हमीर भवन के सामने पानी तालाब का रूप ले लेता है, जबकि डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने बना बड़ा गड्ढा भी जलभराव का कारण बन रहा है।
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खास बात यह है कि इसी गेट से उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी रोजाना कार्यालय पहुंचते हैं। हर दिन सैकड़ों लोग भी अपने काम से मिनी सचिवालय आते हैं, लेकिन समस्या के समाधान की ओर प्रशासन और संबंधित विभाग का ध्यान नहीं है।
द्वितीय चरण के भूमि पूजन के सिरे चढ़ने पर सवाल
परिसर के विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण के दूसरे चरण का इस वर्ष 15 अप्रैल को विधायक सुरेश कुमार और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील शर्मा बिट्टू की मौजूदगी में भूमिपूजन हुआ था। हालांकि, अब नए सिरे से सचिवालय निर्माण की चर्चाओं के बीच इस योजना के सिरे चढ़ने पर संशय बना हुआ है। भूमिपूजन को चार माह बीत चुके हैं, लेकिन दूसरे चरण का काम शुरू नहीं हो पाया है। दूसरे चरण के सौंदर्यीकरण पर करीब 70 लाख रुपये खर्च होने हैं। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, दूसरे चरण के लिए अभी प्रशासन की ओर से बजट जारी नहीं हुआ है।
सौंदर्यीकरण हुआ, लेकिन प्रवेश द्वार बदरंग
मुख्य गेट के निर्माण पर करीब 18 लाख रुपये खर्च प्रस्तावित है, लेकिन एक वर्ष बाद भी यह बदरंग है। पिछले चरण में परिसर में पार्क, बैडमिंटन कोर्ट और ओपन एयर जिम जैसी सुविधाएं विकसित की गईं। उद्देश्य परिसर को सुविधाजनक और आम लोगों के लिए बेहतर बनाना था। नई सुविधाएं तो समय रहते जुटा ली गईं, लेकिन मुख्यद्वार का निर्माण एक वर्ष बाद भी अधर में है, जो कि प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
कोट
बरसात के कारण कार्य में देरी हुई है। जल्द ही गेट निर्माण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। दूसरे चरण के लिए बजट मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। - दीपक कपिल, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, हमीरपुर
समस्या ध्यान में है। जल्द ही गेट का निर्माण कार्य पूरा करवा दिया जाएगा। -गंधर्वा राठौड़, डीसी, हमीरपुर

मिनी सचिवालय हमीरपुर के गेट पास भरा जमा बारिश का पानी। संवाद।- फोटो : 1

मिनी सचिवालय हमीरपुर के गेट पास भरा जमा बारिश का पानी। संवाद।- फोटो : 1