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कर्ज के दलदल में धंस चुका है प्रदेश : राणा
Wed, 05 Feb 2025 12:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 05 Feb 2025 12:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुजानपुर (हमीरपुर)। विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और अपनों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कर्ज के दलदल में बुरी तरह धंस चुका है। मुख्यमंत्री व उनके करीबी अपने ऐशो-आराम पर बेहिसाब खर्च कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकारी खजाना अपने दोस्तों, सलाहकारों और ओएसडी की फौज पर लुटाया जा रहा है, जबकि आम जनता, कर्मचारी और पेंशनर अपने हक के लिए तरस रहे हैं। प्रदेश की ट्रेजरियां लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे ठेकेदारों की पेमेंट अटकी हुई हैं।
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कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके एरियर नहीं मिल रहे हैं और महंगाई भत्ते की कई किस्तें लंबित हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने नया वेतन आयोग लागू कर दिया है, तब भी हिमाचल सरकार पुराने वेतन आयोग की अदायगी तक नहीं कर पा रही है। सरकार आंख मूंदकर कर्ज पर कर्ज लिए जा रही है।
उन्होंने सरकार से तत्काल आर्थिक सुधार लाने, कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित भुगतान करने, बेरोजगारों को वास्तविक रोजगार देने और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने की मांग की।
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सुजानपुर (हमीरपुर)। विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और अपनों को लाभ पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कर्ज के दलदल में बुरी तरह धंस चुका है। मुख्यमंत्री व उनके करीबी अपने ऐशो-आराम पर बेहिसाब खर्च कर रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकारी खजाना अपने दोस्तों, सलाहकारों और ओएसडी की फौज पर लुटाया जा रहा है, जबकि आम जनता, कर्मचारी और पेंशनर अपने हक के लिए तरस रहे हैं। प्रदेश की ट्रेजरियां लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे ठेकेदारों की पेमेंट अटकी हुई हैं।
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कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके एरियर नहीं मिल रहे हैं और महंगाई भत्ते की कई किस्तें लंबित हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने नया वेतन आयोग लागू कर दिया है, तब भी हिमाचल सरकार पुराने वेतन आयोग की अदायगी तक नहीं कर पा रही है। सरकार आंख मूंदकर कर्ज पर कर्ज लिए जा रही है।
उन्होंने सरकार से तत्काल आर्थिक सुधार लाने, कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित भुगतान करने, बेरोजगारों को वास्तविक रोजगार देने और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाने की मांग की।