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भोरंज के लिए भरे पद और मुख्यालय में लगा दी ड्यूटी
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भोरंज में 14 करोड़ की लागत से बना मिनी सचिवालय
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। विधानसभा क्षेत्र भोरंज में एक्साइज विभाग का कार्यालय खोलने की मांग जोर पकड़ रही है। साढ़े तीन सालों से यह कार्यालय नहीं खुल पाया है। प्रदेश सरकार ने भोरंज के लिए जितने भी पद स्वीकृत किए हैं वे भरे जा चुके हैं। वर्तमान में सहायक आयुक्त राज्य कर, राज्य कर अधिकारी, लिपकीय और चतुर्थ श्रेणी स्टाफ जिला मुख्यालय में ही ड्यूटी दे रहे हैं। बड़सर और नादौन विस क्षेत्र में किराये के भवनों में एक्साइज विभाग के कार्यालय चल रहे हैं।
भोरंज में एक्साइज कार्यालय की सुविधा न मिलने से स्थानीय लोग सरकार से खफा हैं। इसके चलते स्थानीय कारोबारियों के साथ ही विपक्षी दलों ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विधानसभा क्षेत्र भोरंज में करीब 46 ग्राम पंचायतें हैं। यह विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर के अलावा मंडी और बिलासपुर से भी सटा हुआ है।
वर्ष 2016 में प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर भोरंज में एक्साइज विभाग का कार्यालय खोलने के आदेश जारी किए थे। लेकिन अभी तक न तो यहां कार्यालय खुला और न ही यहां के नुमाइंदों ने योजना को सिरे चढ़ाने के प्रयास किए। अब मंडी जिले से सटे जाहू समेत सैकड़ों गांव के कारोबारियों को 30 से 35 किलोमीटर की दूरी तय कर हमीरपुर आना पड़ रहा है। इससे समय और पैसों की बर्बादी होती है।
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बाक्स:
क्या कहतें हैं पूर्व विधायक-
भोरंज के लिए स्वीकृत एक्साइज विभाग का कार्यालय इतने सालों बाद भी भोरंज में न खुलना चिंताजनक है। पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय आईडी धीमान ने भोरंज में 14 करोड़ की लागत से बहुमंजिला मिनी सचिवालय बनाया है। उपमंडल मुख्यालय पर तहसील कार्यालय का पुराना भवन भी खाली है। निजी भवन भी कार्यालय के लिए किराये पर लिया जा सकता है। इस मामले को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के समक्ष उठाया जाएगा।
-डॉ. अनिल धीमान, पूर्व बीजेपी विधायक, भोरंज विस क्षेत्र।
भोरंज में एक्साइज विभाग के कार्यालय की मंजूरी और पदों के सृजन के बावजूद कार्यालय का जिला मुख्यालय से संचालन भोरंज के व्यापारी वर्ग का शोषण है। वर्तमान विधायक की प्रशासन पर कमजोर पकड़ और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव को परिलक्षित करता है। सरकार ने भोरंज के लिए जो सुविधा प्रदान की है, उसका लाभ क्षेत्र के कारोबारियों को मिलना चाहिए। आने वाले समय में इस मामले में जनांदोलन किया जाएगा।
-प्रेम कौशल, राज्य प्रवक्ता, कांग्रेस कमेटी।
बयान-
इस मुद्दे को जिला परिषद की बैठक में भी उठाया जा चुका है। क्षेत्र के कारोबारियों को अपने टैक्स और अन्य कार्य के लिए हमीरपुर आना पड़ रहा है। इससे समय और पैसों की बर्बादी होती है। जबकि सरकार ने भोंरज के लोगों की सुविधा के लिए कार्यालय स्वीकृत किया है, इसलिए जल्द हमीरपुर से सभी अधिकारियों और स्टाफ को भोरंज शिफ्ट किया जाना चाहिए।
-पवन कुमार, सदस्य जिला परिषद सदस्य और भोरंज संर्घष समिति के सदस्य।
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भोरंज में एक्साइज कार्यालय की सुविधा न मिलने से स्थानीय लोग सरकार से खफा हैं। इसके चलते स्थानीय कारोबारियों के साथ ही विपक्षी दलों ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विधानसभा क्षेत्र भोरंज में करीब 46 ग्राम पंचायतें हैं। यह विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर के अलावा मंडी और बिलासपुर से भी सटा हुआ है।
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वर्ष 2016 में प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर भोरंज में एक्साइज विभाग का कार्यालय खोलने के आदेश जारी किए थे। लेकिन अभी तक न तो यहां कार्यालय खुला और न ही यहां के नुमाइंदों ने योजना को सिरे चढ़ाने के प्रयास किए। अब मंडी जिले से सटे जाहू समेत सैकड़ों गांव के कारोबारियों को 30 से 35 किलोमीटर की दूरी तय कर हमीरपुर आना पड़ रहा है। इससे समय और पैसों की बर्बादी होती है।
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क्या कहतें हैं पूर्व विधायक-
भोरंज के लिए स्वीकृत एक्साइज विभाग का कार्यालय इतने सालों बाद भी भोरंज में न खुलना चिंताजनक है। पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय आईडी धीमान ने भोरंज में 14 करोड़ की लागत से बहुमंजिला मिनी सचिवालय बनाया है। उपमंडल मुख्यालय पर तहसील कार्यालय का पुराना भवन भी खाली है। निजी भवन भी कार्यालय के लिए किराये पर लिया जा सकता है। इस मामले को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के समक्ष उठाया जाएगा।
-डॉ. अनिल धीमान, पूर्व बीजेपी विधायक, भोरंज विस क्षेत्र।
भोरंज में एक्साइज विभाग के कार्यालय की मंजूरी और पदों के सृजन के बावजूद कार्यालय का जिला मुख्यालय से संचालन भोरंज के व्यापारी वर्ग का शोषण है। वर्तमान विधायक की प्रशासन पर कमजोर पकड़ और राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव को परिलक्षित करता है। सरकार ने भोरंज के लिए जो सुविधा प्रदान की है, उसका लाभ क्षेत्र के कारोबारियों को मिलना चाहिए। आने वाले समय में इस मामले में जनांदोलन किया जाएगा।
-प्रेम कौशल, राज्य प्रवक्ता, कांग्रेस कमेटी।
बयान-
इस मुद्दे को जिला परिषद की बैठक में भी उठाया जा चुका है। क्षेत्र के कारोबारियों को अपने टैक्स और अन्य कार्य के लिए हमीरपुर आना पड़ रहा है। इससे समय और पैसों की बर्बादी होती है। जबकि सरकार ने भोंरज के लोगों की सुविधा के लिए कार्यालय स्वीकृत किया है, इसलिए जल्द हमीरपुर से सभी अधिकारियों और स्टाफ को भोरंज शिफ्ट किया जाना चाहिए।
-पवन कुमार, सदस्य जिला परिषद सदस्य और भोरंज संर्घष समिति के सदस्य।